प्रज्ञा ठाकुर पर आप भी कुछ बोलिए नीतीश कुमार जी

Bihar

नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताए जाने के बाद से पूरा विपक्ष बीजेपी पर हमलावर है. प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर बिहार में भी सियासत जारी है. विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की कसम खाने वाले जेडीयू चीफ का अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी की एमपी प्रज्ञा ठाकुर की नाथूराम गोडसे के बारे में की गई टिप्पणी के बारे में क्या सोचना है?

नीतीश कुमार जानते है कि अगर बोलंगे तो विवाद होगा इससे अच्छा है इन बातों पर ध्यान ही न दे लेकिन तेजस्वी की कोशिश है कि नीतीश कुमार से बयान देने का दबाव बनाया जाये. तेजस्वी ने कहा कि उन्हें आशा है कि भोपाल सांसद के इस बयान ने मुख्यमंत्री की अंतरात्मा को सुखद अनुभूति दी होगी. उन्हें बताना चाहिए कि वह साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के प्रकरण के बारे में क्या सोचते हैं.

इससे पहले तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को ही सीएम नीतीश कुमार से माफी की मांग की थी. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, बिहार मे NDA के कथित शीर्ष नेता मुख्यमंत्री नीतीश जी को साध्वी प्रज्ञा द्वारा गांधी जी के हत्यारे प्रथम आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बताए जाने वाले बयान पर बिहार से माफ़ी मांगनी चाहिए क्योंकि इन्होंने बिना अपने मैनिफ़ेस्टो के साध्वी व गिरिराज सिंह जैसों को जिताने के लिए वोट मांगे थे.

बता दें कि आरोप लगाया जा रहा है कि तीन दिन परहले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिया था. इसी को लेकर तेजस्वी यादव ने पहले भी टिप्पणी की थी और अपने ट्वीट में लिखा था,  निस्संदेह नीतीश कुमार जी की कुख्यात अंतरात्मा आज तृप्त हो गयी होगी क्योंकि उनके पूजनीय परम सहयोगी राष्ट्रवादी दल की विख्यात सांसद ने वंदनीय बापू गांधी के हत्यारे देश के प्रथम आतंकवादी नाथूराम गोडसे को लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में खड़े होकर सच्चा देशभक्त कहा है.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी पहले नीतीश कुमार के सहयोगी हुआ करते थे लेकिन, दो साल पहले नीतीश कुमार आरजेडी से अपने संबंध तोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में वापस आ गए थे.