4 फ़रवरी 2026

टाटा ग्रुप का बाज़ार विश्लेषण: टाटा मोटर्स के शेयरों में रिकॉर्ड उछाल और टीसीएस का वित्तीय प्रदर्शन

भारतीय शेयर बाजार में टाटा समूह की कंपनियों का दबदबा कायम है। हालिया कारोबारी सत्रों में जहां टाटा मोटर्स ने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है, वहीं देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने भी अपने तिमाही नतीजों और विस्तृत कार्ययोजना के साथ बाजार में अपनी मजबूत पकड़ जाहिर की है।

टाटा मोटर्स: नतीजों से पहले शेयरों में ऐतिहासिक तेजी

टाटा मोटर्स (जिसे अब टीएमएल कमर्शियल व्हीकल्स के नाम से भी जाना जाता है) के शेयरों ने बुधवार को शेयर बाजार में नया इतिहास रच दिया। दिसंबर 2025 की तिमाही (Q3FY26) के नतीजों की घोषणा से ठीक एक दिन पहले, बीएसई पर इंट्रा-डे कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 4% की बढ़त के साथ 460.20 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर (All-time High) पर पहुंच गए।

स्टॉक का पिछला उच्चतम स्तर 23 जनवरी, 2026 को 456.40 रुपये था, जिसे अब पीछे छोड़ दिया गया है। अपनी लिस्टिंग के बाद से, टाटा मोटर्स के बाजार मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 12 नवंबर, 2025 को यह शेयर 327.65 रुपये के स्तर पर था, जहां से अब तक इसमें 40% का भारी उछाल आ चुका है। दोपहर के सत्र में जब बीएसई सेंसेक्स में मात्र 0.36% की मामूली बढ़त थी, तब टाटा मोटर्स का शेयर 3% ऊपर 455.65 रुपये पर मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था।

बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि और प्रबंधन का दृष्टिकोण

टाटा मोटर्स ने जानकारी दी है कि 29 जनवरी, 2026 को निदेशक मंडल की बैठक निर्धारित है, जिसमें 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी जाएगी। इससे पहले ही कंपनी ने अपनी बिक्री के दमदार आंकड़े पेश कर दिए हैं।

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है। मानसून के बाद निर्माण और खनन गतिविधियों में आई तेजी, तथा प्रमुख क्षेत्रों और ऑटो लॉजिस्टिक्स से आई निरंतर मांग ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है। छोटे वाणिज्यिक वाहनों (SCVs) और पिकअप ट्रकों की मजबूत मांग ने प्रदर्शन को और बेहतर किया, जिसके परिणामस्वरूप 1,15,577 इकाइयों की थोक बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले 21% और पिछली तिमाही के मुकाबले 22% अधिक है।

प्रबंधन का मानना है कि जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही (Q4FY26) में वाणिज्यिक वाहनों के अधिकांश खंडों में मांग और मजबूत होगी। सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर जोर और अंतिम-उपयोग वाले क्षेत्रों में विस्तार 2026 में उद्योग के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखेगा।

टीसीएस: वित्तीय स्थिरता और तिमाही नतीजे

दूसरी ओर, टाटा समूह की आईटी इकाई, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) ने भी अपने वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। 30 सितंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने 66,666 करोड़ रुपये की संगठित बिक्री दर्ज की है। यह पिछली तिमाही के 65,097 करोड़ रुपये की तुलना में 2.41% अधिक है और पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 64,988 करोड़ रुपये के मुकाबले 2.58% की वृद्धि दर्शाता है। नवीनतम तिमाही में कंपनी का टैक्स पश्चात शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 12,131 करोड़ रुपये रहा है। वर्तमान में टीसीएस का शेयर 3200.10 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

वैश्विक आईटी दिग्गज के रूप में टीसीएस का सफर

टीसीएस न केवल भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता है, बल्कि विश्व स्तर पर भी एक प्रतिष्ठित नाम है। 1968 में जेआरडी टाटा द्वारा स्थापित और मुंबई में मुख्यालय वाली यह कंपनी आज दुनिया की सबसे प्रभावशाली आईटी फर्मों में से एक है। वर्तमान में नटराजन चंद्रशेखरन इसके अध्यक्ष हैं और के. कृतिवासन सीईओ की भूमिका निभा रहे हैं।

शुरुआत में टाटा समूह की अन्य कंपनियों को आईटी सेवाएं देने के लिए बनाई गई टीसीएस ने 1990 के दशक में अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार किया। आज इसका नेटवर्क 56 देशों में फैला हुआ है। भारत में अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता जैसे महानगरों से लेकर भोपाल, इंदौर, भुवनेश्वर और लखनऊ जैसे शहरों तक कंपनी के कार्यालय और डेटा सेंटर मौजूद हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, टीसीएस की पहुंच एशिया में चीन, जापान और सिंगापुर से लेकर यूरोप में यूके, जर्मनी और फ्रांस तक है। इसके अलावा, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के प्रमुख देशों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ब्राजील और मैक्सिको में भी कंपनी का व्यापक कारोबार है।

कार्यक्षेत्र और भविष्य की रणनीतियां

टीसीएस का व्यापारिक मॉडल बेहद विविधतापूर्ण है। कंपनी कंसल्टिंग, आईटी सर्विस (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा) और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक सॉल्यूशंस (बैंकिंग, रिटेल, हेल्थकेयर) जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखती है।

कंपनी की सबसे बड़ी संपत्ति उसका मानव संसाधन है। 6,01,546 से अधिक कर्मचारियों के साथ, टीसीएस अपने वर्कफोर्स के कौशल विकास पर भारी निवेश करती है। तकनीकी मोर्चे पर, कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी उभरती हुई तकनीकों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।

वित्तीय वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की कुल आय 46,099 बिलियन अमेरिकी डॉलर और कुल संपत्ति 146,449 करोड़ अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी। भविष्य के दृष्टिकोण से, वैश्विक डिजिटल परिवर्तन टीसीएस के लिए विकास के नए द्वार खोल रहा है। कंपनी नई तकनीकों में निरंतर निवेश और रणनीतिक विस्तार के माध्यम से अपनी बाजार हिस्सेदारी को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।