सोने-चांदी के भाव में भारी उथल-पुथल: रिकॉर्ड तेजी के बाद बाजार में मामूली गिरावट
भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। दो दिनों की भारी गिरावट के बाद 3 फरवरी को बाजार ने जिस तरह से वापसी की, उसने निवेशकों को हैरान कर दिया। हालांकि, ताजा अपडेट के मुताबिक रात होते-होते कीमतों में एक बार फिर मामूली नरमी देखी गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल फ्यूचर वाला सोना करीब 359 रुपये फिसलकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, चांदी जो दिन के समय 20,000 रुपये की बढ़त पर थी, बाजार बंद होने तक उसकी तेजी भी सुस्त पड़ गई और यह 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास टिकी रही।
बाजार में ‘बाउंस बैक’ की मुख्य वजहें
इस सप्ताह की शुरुआत में बाजार में इतनी गिरावट आई थी कि कीमतें खरीदारी के लिए काफी आकर्षक हो गई थीं। रविवार और सोमवार को निचले स्तरों पर पहुंचने के बाद बड़े फंड हाउसों और ज्वेलर्स ने ‘डिप बाइंग’ शुरू की, जिसका असर मंगलवार को कीमतों में उछाल के रूप में दिखा। MCX पर सोना एक समय 7% की छलांग लगाकर 1.54 लाख रुपये तक जा पहुंचा था, जो सुबह के मुकाबले लगभग 8,000 से 10,000 रुपये की बड़ी बढ़त थी।
इस सकारात्मक माहौल के पीछे भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील की खबरों का भी बड़ा हाथ रहा। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने के फैसले ने मार्केट सेंटिमेंट को पूरी तरह बदल दिया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में सोने का 4,900 डॉलर प्रति औंस के पार निकलना भी भारतीय बाजार के लिए बूस्टर साबित हुआ।
भू-राजनीतिक तनाव और भविष्य के अनुमान
बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतों में अभी और तेजी आने की संभावना बनी हुई है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहराता है, तो सोना 24 कैरेट (24K) के लिए 1,62,500 से 1,65,000 रुपये के नए स्तर को छू सकता है। वहीं चांदी भी 2.90 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ रही है। हालांकि, केविन वॉर्श के नाम की चर्चा और आर्थिक आंकड़ों पर बाजार की पैनी नजर है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील से रुपया तो मजबूत हुआ है, लेकिन ग्लोबल मार्केट की हलचल घरेलू कीमतों पर ज्यादा हावी दिख रही है।
महंगाई और डॉलर की मजबूती का दबाव
इतनी तेजी के बावजूद, कुछ फैक्टर्स ऐसे भी हैं जो सोने की चमक को सीमित कर रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का जोखिम बढ़ा दिया है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होती दिख रही है। डॉलर इंडेक्स में 0.18% की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने भी बुलियन मार्केट पर दबाव बनाया है। इंडसइंड सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि जब तक तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक सोने की कीमतों में यह उठापटक जारी रहेगी।
आम खरीदारों के लिए आज का गणित
अगर आप आज के भाव पर आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जेब पर बोझ बढ़ना तय है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 5 ग्राम की एक छोटी अंगूठी या चेन बनवाना चाहते हैं, तो जीएसटी और मेकिंग चार्ज मिलाकर आपको लगभग 84,125 रुपये खर्च करने होंगे। निवेशकों के लिए सलाह यही है कि बाजार की इस अस्थिरता को देखते हुए सावधानी से कदम बढ़ाएं, क्योंकि कीमतें किसी भी दिशा में करवट ले सकती हैं।