4 फ़रवरी 2026

चैंपियंस ट्रॉफी विवाद के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल: मोईन खान की चेतावनी और टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल

क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों मैदान से ज्यादा मैदान के बाहर की हलचल तेज है। अगले साल पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के नौवें संस्करण को लेकर अनिश्चितता के बादल गहराते जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए सरहद पार जाएगी? बीसीसीआई ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बिरादरी से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। इसी सियासी रस्साकशी के बीच आईसीसी ने 2026 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तस्वीर भी साफ कर दी है, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका के कंधों पर होगी।

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान के तल्ख तेवर

भारतीय टीम के पाकिस्तान न जाने की अटकलों पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोईन खान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बीसीसीआई को परोक्ष रूप से चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रोहित शर्मा की टीम चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं करती, तो भविष्य में पाकिस्तान को भी भारत में होने वाले किसी भी टूर्नामेंट का बहिष्कार करना चाहिए। मोईन का मानना है कि खेल को राजनीति का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, कपिल देव और राहुल द्रविड़ जैसे भारतीय दिग्गजों से अपील की है कि वे आगे आएं और बीसीसीआई को समझाएं। मोईन ने कहा, “क्रिकेट को राजनीतिक मुद्दों से अलग रखना चाहिए। फैंस भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत देखना चाहते हैं और इससे सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट को फायदा होगा।” उन्होंने आईसीसी से भी यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करे।

भारत-पाक रिश्तों का इतिहास और वर्ल्ड कप 2026

मोईन खान की यह चेतावनी इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि 2012-13 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। 2008 के बाद से टीम इंडिया ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। अब दोनों टीमें सिर्फ आईसीसी टूर्नामेंट्स में ही टकराती हैं। जहां पाकिस्तान 1996 के बाद पहली बार किसी बड़े आईसीसी इवेंट की अकेले मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है (हालांकि 2008 में एशिया कप हुआ था), वहीं क्रिकेट का अगला महाकुंभ यानी टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की धरती पर खेला जाना है।

बांग्लादेश बाहर, स्कॉटलैंड की एंट्री: टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा फेरबदल

चैंपियंस ट्रॉफी के विवादों से इतर, 2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर आईसीसी ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। टूर्नामेंट की लिस्ट में आखिरी समय पर बड़ा बदलाव हुआ है। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वर्ल्ड कप के लिए भारत की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इस पर आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया है। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होकर 8 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 54 मैच खेले जाएंगे।

टूर्नामेंट का फॉर्मेट और भारत-पाक फिर एक ही ग्रुप में

2024 की तरह इस बार भी 20 टीमें खिताबी जंग में उतरेंगी। टीमों को पांच-पांच के चार ग्रुप में बांटा गया है। सबसे रोमांचक बात यह है कि ग्रुप ए में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान को एक साथ रखा गया है, यानी फैंस को एक बार फिर हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा।

ग्रुप का विभाजन इस प्रकार है:

  • ग्रुप ए: भारत, पाकिस्तान, नामीबिया, नीदरलैंड, अमेरिका।

  • ग्रुप बी: ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड, ओमान, जिम्बाब्वे।

  • ग्रुप सी: इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल, स्कॉटलैंड, इटली।

  • ग्रुप डी: दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, यूएई, कनाडा।

नॉकआउट की राह

टूर्नामेंट का फॉर्मेट सीधा है। पहले ग्रुप स्टेज के मुकाबले 7 से 20 फरवरी तक चलेंगे। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें ‘सुपर-8’ चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। सुपर-8 के मुकाबले 21 फरवरी से 1 मार्च तक खेले जाएंगे, जहां टीमों को फिर से चार-चार के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। यहां से बेस्ट प्रदर्शन करने वाली चार टीमें 4 और 5 मार्च को होने वाले सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। खिताबी मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। अब देखना यह होगा कि चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर चल रही रस्साकशी का असर 2026 के इस मेगा इवेंट पर कैसे पड़ता है।

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