ओप्पो का डबल धमाका: Reno 13 Pro की दमदार एंट्री और अगली फ्लैगशिप सीरीज के लिए बड़ा दांव
ओप्पो ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में साल की शुरुआत काफी आक्रामक तरीके से की है। कंपनी ने अपना नया प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन ओप्पो Reno 13 Pro 9 जनवरी 2025 को लॉन्च कर दिया है। यह फोन न केवल अपने स्लीक डिजाइन और कैमरा क्षमताओं के लिए चर्चा में है, बल्कि कंपनी की भविष्य की योजनाओं को लेकर आ रही खबरें भी काफी रोमांचक हैं, जो सीधे तौर पर सैमसंग और एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियों को चुनौती देती नजर आ रही हैं।
डिस्प्ले और डिजाइन: प्रीमियम अहसास
Reno 13 Pro को हाथ में लेते ही जो सबसे पहली चीज ध्यान खींचती है, वह है इसका डिजाइन। ग्रेफाइट ग्रे और मिस्ट लैवेंडर रंगों में उपलब्ध यह फोन ग्लास बॉडी के साथ आता है, जो इसे काफी प्रीमियम लुक देता है। ओप्पो ने इसमें 6.83 इंच की विशाल 1.5K टचस्क्रीन दी है, जो 2800×1272 पिक्सल रेजोल्यूशन और 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट के साथ आती है। 450 पीपीआई की पिक्सल डेनसिटी के कारण स्क्रीन पर विजुअल्स काफी शार्प और वाइब्रेंट नजर आते हैं। हालांकि, डिस्प्ले की आउटडोर ब्राइटनेस को लेकर कुछ समीक्षकों का मानना है कि यह कड़ी धूप में अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले थोड़ी फीकी पड़ सकती है।
कैमरा और परफॉर्मेंस का मेल
फोटोग्राफी के मामले में ओप्पो ने अपने ‘कैमरा फोन’ वाले टैग को बरकरार रखा है। फोन के पिछले हिस्से में तीन कैमरों का सेटअप है—50 मेगापिक्सल का मुख्य लेंस (f/1.8), 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और 50 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस। सेल्फी प्रेमियों के लिए इसमें 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो काफी डिटेल्ड तस्वीरें लेने में सक्षम है।
फोन की परफॉर्मेंस को संभालने के लिए इसमें 3.35 गीगाहर्ट्ज़ (GHz) की क्लॉक स्पीड वाला ऑक्टा-कोर प्रोसेसर और 12 जीबी की रैम दी गई है। यह एंड्रॉइड 15 पर आधारित ColorOS 15 पर चलता है। स्टोरेज के लिए 256 जीबी की जगह है, लेकिन ध्यान रहे कि इसमें अलग से मेमोरी कार्ड लगाने का विकल्प नहीं है।
बैटरी और चार्जिंग टेक्नोलॉजी
फोन को पावर देने के लिए 5,800 एमएएच की बड़ी बैटरी लगाई गई है। इसे चार्ज करने के लिए 80W की फास्ट चार्जिंग और 50W की वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। दिलचस्प बात यह है कि जहां कुछ स्पेसिफिकेशन्स में इसे IP52 रेटिंग के साथ लिस्ट किया गया है, वहीं इसकी खूबियों में IP66, IP68 और IP69 जैसी उच्च रेटिंग्स का जिक्र है, जो इसे धूल और पानी से बेहतरीन सुरक्षा देने वाला डिवाइस बनाते हैं।
हालांकि, फोन में कुछ कमियां भी हैं। भारी इस्तेमाल (गेमिंग या मल्टीटास्किंग) के दौरान डिवाइस के गर्म होने (Overheating) की शिकायतें सामने आई हैं। इसके अलावा, फोन में पहले से इंस्टॉल आने वाले अनचाहे ऐप्स (Bloatware) यूजर एक्सपीरियंस को थोड़ा प्रभावित कर सकते हैं।
भविष्य की तकनीक: मैग्नेटिक चार्जिंग की ओर ओप्पो का कदम
जहां Reno 13 Pro अभी बाजार में अपनी जगह बना रहा है, वहीं ओप्पो के अगले फ्लैगशिप को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओप्पो अपनी आगामी Find X10 सीरीज में ‘मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग’ फीचर ला सकता है। यह ठीक वैसा ही होगा जैसा एप्पल का MagSafe या गूगल का हालिया Pixelsnap इकोसिस्टम है।
सैमसंग, जो कि एंड्रॉइड मार्केट का सबसे बड़ा खिलाड़ी है, उससे उम्मीद थी कि वह अपने Galaxy S26 Ultra में यह तकनीक देगा, लेकिन लीक हुए केस डिजाइन्स से पता चलता है कि शायद सैमसंग इसमें पीछे रह जाए। अगर ओप्पो 2026 की दूसरी छमाही में आने वाले Find X10 में यह फीचर ले आता है, तो वह बिल्ट-इन मैग्नेट देने वाला पहला चीनी निर्माता बन जाएगा। इसका मतलब है कि ओप्पो के फोन भी उन मैग्नेटिक एक्सेसरीज के साथ काम कर सकेंगे जो अभी तक सिर्फ एप्पल या नए पिक्सल फोन्स के लिए थे।
वनप्लस और ग्लोबल मार्केट पर असर
चूंकि ओप्पो अमेरिका में सीधे तौर पर फोन नहीं बेचता, लेकिन इसका सब-ब्रांड वनप्लस वहां मौजूद है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह नई मैग्नेटिक चार्जिंग तकनीक भविष्य में OnePlus 16 जैसे फोन्स में भी देखने को मिल सकती है। ओप्पो की Find X सीरीज के फीचर्स अक्सर वनप्लस में आते रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह वनप्लस के लिए वापसी का एक शानदार मौका होगा। फिलहाल, ओप्पो ने Reno 13 Pro के साथ भारतीय बाजार में एक मजबूत विकल्प पेश किया है, जबकि पर्दे के पीछे वह भविष्य की बड़ी तकनीकी छलांग लगाने की तैयारी में है।