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बदल गया सरकारी स्कूलों में शिक्षा का पैटर्न

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सरकारी स्कूलों में शिक्षा के पैटर्न में इस साल से बदलाव किए गए हैं. अब 10वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई का पैटर्न इस सत्र से बदल गया है. अब स्कूलों में सिर्फ थ्योरी के सवाल हल नहीं कराए जाएंगे बल्कि ऑब्जेक्टिव सवालों की तैयारी भी होगी ताकि वार्षिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव को लेकर किसी तरह का दबाव छात्रों पर न आए.

दरअसल, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा बिरेंद्र कुमार ने सबको बताया कि इस बदलाव के लिए स्कूल स्तर पर निर्देश जारी कर दिया गया है और परीक्षा के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए कक्षा में पढ़ाई करवाया जाएगा. जिला स्कूल की प्राचार्य रेणु पंडित ने बताया कि 10वीं और 12वीं की जो आतंरिक परीक्षा होगी, उसमें सवाल वार्षिक परीक्षा के पैटर्न के मुताबिक ही होंगे.

आपको बता दें कि अब से परीक्षा में 50 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव व 50 प्रतिशत थ्योरी से सवाल आएंगे. उसी के मुताबिक मार्किंग भी होगी. विज्ञान के शिक्षक ने बताया कि इस बार से जो भी विषय पढ़ाया जाएगा, उसमें चैप्टर से जुड़े ऑब्जेक्टिव अलग से निकालकर छात्रों को बताया जाएगा. ताकि छात्र यह समझ पाएं कि उनके चैप्टर से जुड़े कितने ऑब्जेक्टिव हैं. यह अमूमन सभी विषयों में कराया जाएगा. इसमें विज्ञान से लेकर गणित, संस्कृत, हिंदी सहित अन्य विषयों को शामिल किया जाएगा.

इसके साथ ही जिला स्कूल के प्राचार्य रेणु पंडित ने बताया कि 11वीं कक्षा की परीक्षा 26 अप्रैल से दो मई तक चलेगी। परीक्षा समाप्त होने के पांच दिन बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा ताकि छात्र गर्मी छुट्टी के बाद 12वीं में जा सकें और पढ़ाई का सत्र नियमित हो सके.

बता दें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का सख्त निर्देश है कि विद्यालय में प्रैक्टिकल की पढ़ाई हर हाल में कराई जाए. विज्ञान से लेकर संगीत विषयों में प्रैक्टिकल की पढ़ाई में अगर लापरवाही पाई जाती हैं तो फिर कार्रवाई तय है. जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुसूदन पासवान ने बताया कि प्रैक्टिकल के लिए जरूरी उपकरण और केमिकल स्कूलों को दिया जा चुका है. इसके बाद भी अगर कहीं पर गड़बड़ी होगी तो ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी.

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