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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर खिलाई गई एल्बेंडाजोल टेबलेट

नालन्दा से डीएसपी सिंह

नालन्दा के मध्य विद्यालय ककड़िया में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर लगभग 350 छात्र-छात्राओं को दवा खिलाई गई.प्रधानाध्यापक शिवेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम के दौरान शिक्षक नेता राकेश बिहारी शर्मा ने स्वास्थ्य का महत्व समझाते हुए दवा खाने का तरीका बताया.मौके पर उन्होंने छात्र-छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कृमि हमारे पेट के अंदर ही जन्म लेता है और पलता बढता है.जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक है. बच्चों में यह खासकर पाया जाता है जो बच्चों के शारीरिक व बौद्धिक विकास में बाधक बनता है. 1 से 19 वर्ष के साथ ही सभी लोगों को यह दवा साल में एक बार अवश्य खानी चाहिए.इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है.

उन्होंने कृमि संक्रमण के लक्षण और प्रभाव पर विस्तार से बच्चों को जानकारी दी.उन्होंने कहा कि पेट में कीड़े होने के कारण छोटे बच्चे अधिक बीमार होते हैं, बीमारी का कारण अभिभावकों को पता भी नहीं चलता और जब पता चलता है तो बहुत देर हो चुका होता है.उन्होंने बताया कि छोटा बच्चा बार-बार मीठा खाने को कहे तो तुरंत चिकित्सकों से सलाह लें क्योंकि कृमि रोग का एक लक्षण है.

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श्री शर्मा ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण के प्रभाव तुरन्त दिखाई नहीं देते हैं, किन्तु कृमि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्पूर्ण विकास को लम्बे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं.कृमिनाशन की गोली से बच्चों के सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है.जो भी बच्चे आज एल्बेंडाजोल दवा खाने में छूट जाएंगे उन्हें 13 अगस्त 2018 को अवश्य खिलाया जाएगा.

उन्होंने सरकार द्वारा जन-स्वास्थ्य हेतु चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी.इस मौके पर शिक्षक सुरेश प्रसाद रजक,अनुज कुमार, सुरेश कुमार, जितेंद्र मेहता, अरविंद कुमार, पूजा कुमारी ने सभी मिलकर बच्चों को दवाई खिलाई.सभी शिक्षकों ने दवा खिलाने के बाद एक घंटे तक सभी छात्र-छात्रों को अपने निगरानी में रखा.


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