Input your search keywords and press Enter.

सभी पार्टियां धूमधाम से मना रही वीपी मंडल की 100वीं जयंती, मधेपुरा में शामिल हुए CM, जानिए कौन थे वीपी मंडल


बीपी मंडल एक समाजिक वैज्ञानिक थे. उन्होंने भारतीय समाज का अध्ययन किया और उस समाज को बदलने के लिए मंडल आयोग की अनुसंशा दी. बीपी मंडल पौरुष के प्रतीक थे. बीपी मंडल जी लोकतंत्र के हिमायती थे. मंडल जी 1 फरवरी 1968 को बिहार के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली. आरक्षण को लेकर उनके विचार, मंडल आयोग के प्रतिवेदन में उन्होंने अभिव्यक्त किया है जो इस प्रकार से है- “समानता केवल समान लोगों के बीच होती है और असमानता को समान के बराबर रखना असमानता को स्थिरता प्रदान करना है.”

प्रदेश में वीपी मंडल की 100वीं जयंती पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज वीपी मंडल के 100वीं जन्म शताब्दी के मौके पर मधेपुरा स्थित उनके घर पहुंचे हुए है. मालूम हो कि सभी पार्टी आज वीपी मंडल की जयंती मनाने की तैयारियों में लगी हुई है. नीतीश कुमार वीपी मंडल की मूर्ति पर सुबह 9:30 बजे माल्यार्पण भी किये.

वहीं, आज राजद भी वीपी मंडल की जयंती अपने पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम होगा जिसमें तेजस्वी यादव भी मौजूद रहें. इसके साथ ही हम संरक्षक जीतनराम मांझी ने भी वीपी मंडल की जयंती को मानाने में जुटे हुए है. इसके अतिरिक्त रालोसपा वीपी मंडल जयंती एसकेएम हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया है. जिसमें केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा खुद भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. सामाजिक न्याय के पुरोधा की जयंती 25 अगस्त को पूरे देश का पिछड़ा समाज अपने इस महानायक का जन्मशताब्दी मना रहा है.

Loading...

बता दें कि देश शनिवार को मंडल आयोग के जनक बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की सौंवी जयंती मना रहा है. बीपी मंडल ने 90 के दशक के बाद भारत की राजनीति को बदल कर रख दिया था. द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी रिपोर्ट ने लागू होने के साथ देश में भूचाल-सा ला दिया. रिपोर्ट के पक्ष और विपक्ष में पूरा देश बंटा गया. हर तरफ आन्दोलन करते हुए छात्र नौजवान सड़क पर थे. राजनीतिक रूप से कोई राजनीतिक दल इस रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया.

बता दें कि मोरारजी देसाई के नेतृत्व में बनी पहली गैर-कांग्रेसी सरकार ने 20 दिसंबर 1978 को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की अगुवाई में नए आयोग की घोषणा की थी जिसे मंडल आयोग के नाम से जाना जाता है. मंडल आयोग ने सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक कसौटियों पर तमाम जातियों को परखा और बताया कि देश में कुल 3743 पिछड़ी जातियां हैं. पिछड़ी जातियां भारतीय जनसंख्या का आधा से ज्यादा हिस्सा थी. मंडल आयोग ने रिपोर्ट में पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण की सिफारिश की बात की गई थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published.