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बिहार को मिला एक और वशिष्ठ नारायण,लोग इन्हें दूसरे वशिष्ठ नारायण के रूप में देख रहे है…

डीबीएन न्यूज/पटना न्यूज डेस्क-वशिष्ठ नारायण सिंह आइंस्टीन के फॉर्मूले को चुनौती देने वाले आज गुमनामी में हैं.भोजुपर के रहने वाले महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह आज गुमनामी में जी रहे हैं.इन्होंने आइंस्टीन के सापेक्ष सिद्धांत को चुनौती दी थी. कहा जाता है कि साइंस कॉलेज में पढऩे के दौरान वे अक्सर प्रोफेसरों की गलती पकड़कर उन्हें टोक देते थे जिसके कारण उनकी शिकायत प्राचार्य तक पहुंच जाती थी.

 

उनकी प्रतिभा की पहचान कैलिफॉर्निया विवि के प्रोफेसर जॉन कैली ने की थी,जिसके बाद वे 1965 में अमेरिका चले गए थे.वहां से पीएचडी करने के बाद वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर बन गए. वहां मन नहीं लगने के कारण 1971 में वे भारत लौट आए. इसके बाद उन्होंने आइआइटी कानपुर,आइआइटी बंबई और आइआइटी कोलकाता में नौकरी की.

वशिष्ठ नारायण सिंह जब तक स्वस्थ रहे,छात्रों को गणित के गूढ़ रहस्य आसान तरीके से समझाते रहे. लेकिन वे पिछले 40 साल से मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया से ग्रसित हैं और भोजपुर स्थित पैतृक गांव में रह रहे हैं. 

वहीं आर के श्रीवास्तवा बहुत कम समय मे देश मे अपने मैथमेटिक्स का जादू बिखेर चुके है.चुटकले सुनाकर पढ़ाते हैं.
गणित के मशहूर शिक्षक आर के श्रीवास्तवा भी सरल तरीके से गणित पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं.उनकी पढ़ाई की खासियत यह है कि वे बहुत ही स्पष्ट और सरल तरीके से छात्रों को समझाते हैं.सामाजिक सरोकार से गणित को जोड़कर, चुटकुले बनाकर सवाल हल करना मैथमेटिक्स गुरु श्रीवास्तवा की पहचान है. आर के श्रीवास्तव को शाहाबाद जिले के लोग दूसरे वशिष्ठ नारायण के रूप में जानते हैं.

 

वे गणित को हौवा या डर होने की बात को नकारते हैं. वे कहते हैं कि यह विषय सबसे रुचिकर है.इसमें रुचि जगाने की आवश्यकता है.मैथमेटिक्स गुरु के नाईट क्लास की धूम पूरे देश मे मचा है.आर के श्रीवास्तव के नाइट क्लास के रूप मे लगातार पूरे 12 घंटे बच्चों को शिक्षा देने की मुहिम अब देशव्यापी रूप लेने लगा है. देश के विभिन्न जगहों के शिक्षक अपने शैक्षणिक संस्थानो मे भी नाइट क्लास के प्रारूप को अपना रहे है. पिछले दिनों विश्व प्रसिद्ध गुगल बॉय हरियाणा निवासी कौटिल्य पंडित को भी आर के श्रीवास्तव ने पूरे लगातार 4 रात गणित का गूढ़ सीखाया.

रोहतास निवासी आर के श्रीवास्तव के नाइट क्लास को देखने अभिभावक भी आते है कि उनका बेटा एक घंटे भी घर पर ठीक से पढ़ने नही बैठता उसको आखिर यहां पूरे रात कैसे आर के श्रीवास्तव बैठाकर गणित का गूढ़ सिखाते है. आर के श्रीवास्तव को देश के विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक संस्थाएँ गेस्ट फैक्लटी के रूप मे अपने यहाँ शिक्षा देने के लिए बुलाती है. शिक्षक भी बच्चों के साथ आर के श्रीवास्तव के क्लास लेने के तरीकों को समझने के लिए क्लास मे बैठते है कि कैसे पूरे रात अनुशासन मे बच्चों को पढ़ाया जा सकता है.क्लास देखकर बच्चे सहित शिक्षक भी श्रीवास्तव को धन्यवाद देते है. पढ़ाने की ऐसी कला सारे शिक्षकों मे आ जाये तो कोई बच्चा शिक्षा से अपने को दूर नही कर पायेगा और सफलता उसके कदम चूमेगी.

मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा कहते है कि अगर किसी फॉर्मूला से आप सवाल को हल कर रहे हैं तो उसके पीछे छुपे तथ्यों को जानिए.क्यों यह फॉर्मूला बना और किस तरह आप अपने तरीके से इसे हल कर सकते हैं. वे बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गणित में बहुत अधिक रुचि थी जो नौंवी और दसवी तक आते-आते परवान चढ़ी.

 

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मैथमेटिक्स गुरु की कई खबरे भी राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय सभी दैनिक अखबारों मे छप चुकी है .कई राष्ट्रीय स्तर के अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुके है.आर के श्रीवास्तवा की बचपन भी काफी गरीबी से गुजरा है. परन्तु अपने कड़ी मेहनत, उच्ची सोच, पक्का इरादा के बल पर आज देश मे मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर है.वे कहते हैं कि मेरे जैसे देश के कई बच्चे होंगे जो पैसों के अभाव में पढ़ नहीं पाते.

बिहार राज्य के रोहतास जिले के छोटे सा शहर बिक्रमगंज जहाँ आर के श्रीवास्तवा के शैक्षणिक आँगन मे तैयार हो रहे वंडर किड्स. यहाँ जिस बच्चो से बात करोगे वह कुछ न कुछ अलग ही मिलेगा.पहली कक्षा का बच्चा फर्राटेदार अंग्रेजी, पांचवी कक्षा का बच्चा दसवी का मैथ और दसवी कक्षा का बच्चा न जाने क्या क्या. यूँ कहे तो मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा के शैक्षणिक आँगन में हर बच्चा प्रतिभा से भरा है तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी.

यहाँ बच्चो के पढ़ाने का नजारा अलग होता है.प्रतिनदिन कम से कम दर्जनों बच्चो को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जाता है. फिर दुनिया भर के श्रेठ उदाहरण गिनाए जाते है, समझाया जाता है हर किसी मे प्रतिभा है कुछ भी असम्भव नही.देश मे मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर बिहार के चर्चित मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा बताते है कि बच्चो में पिटाई का नही बल्कि प्रेरणा का हथियार इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है बच्चे कुछ नया सीखने के लिए जुनून की हद तक जा रहे है.

आर के श्रीवास्तवा के शैक्षणिक आँगन में कौटिलया के अलावा तैयार हो रहे सैकड़ो गूगल बॉय। बिक्रमगंज निवासी वंडर बॉय रोहित के पिता प्रफुल्ल चौधरी कहते है कि मेरा यही सपना है कि कौटिलया की तरह मेरे बेटे को भी बड़ा मंच मिले. मै अपने बेटे पर कभी दबाव नही बनाता, बस हौसला बढाता हूँ.

आर के श्रीवास्तवा ने बताया की हर बच्चा बन सकता है जीनीयस. हम और हमारी टीम क्लासरूम के अलावा बच्चो के पेरेंट्स के व्हाटसअप पर प्रतिदिन अलग -अलग टॉपिक्स पर यूट्यूब के लिंक को भेजते है और अगले दिन उसे बच्चा याद कर आता है. फिर शिक्षक उसे अगले दिन विस्तृत रूप से क्लास में समझाते है.

शिक्षक के द्वारा पढाये जिन टॉपिक्स में बच्चो मे महारत हासिल हो जाता है, तो उसे शिक्षक के सामने पढ़ाने के लिए बोला जाता है. थोड़ी देर के लिए वह बच्चा शिक्षक बन जाता है और शिक्षक स्टूडेंट। ऐसा करने से बच्चो में नन्हे उम्र में ही काफी हौसला आता है कि मैं अपने शिक्षक को पढ़ा रहा हूं.

रोहित पटेल – रोहित पांचवी का स्टूडेट है, परन्तु रोहित दसवी तक के गणित को सेकंडो में हल कर देता है. इसके अलावा घण्टो तक अंग्रेजी,साइंस विषय पर बोल सकता है. ऑन स्पॉट कविता लिख देता है. अपने कक्षा के बच्चो को पढा भी देता है.

सत्यम कुमार -सत्यम ग्रमीण परिवेश में पला है.जो कक्षा तीन में पढ़ता है. अपने से क्लास आगे के सवालों को हल करने का माद्दा रखती है. रसायनशास्त्र के पूरे पीरियोडिक टेबल को सिर्फ 1मिनट में सुना देती है. दसवी के त्रिगोनोमेट्री के थ्योरी को सेकेंडो में सुना देता है.

कौटिलया पंडित- सिर्फ 5 वर्ष के उम्र देश के सबसे चर्चित टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में बतौर अतिथि आ चुका है. जिसके प्रतिभा को शदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने पूरे विश्व से रूबरू कराया. अभी कौटिलया 10 बर्ष का हो चुका है, कक्षा सात में पढ़ता है और बिहार के मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा से अभी उच्च गणितीय ज्ञान सीख रहा है.

अभी तक कितने जीनियस बच्चे तैयार कर चुके है. आर के श्रीवास्तवा ने बताया की लगभग सैकड़ो बच्चे अपने प्रतिभा के बल पर सैकड़ो समाजिक मंचो पर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा सम्मानित हो चुके है.

आपको बताते चले कि बेहतर राष्ट्र निर्माण हेतु शिक्षा में निरंतर किये जा रहे कार्यो के लिए मैथमेटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तवा को इंडिया एक्सीलेन्स प्राइड अवॉर्ड, इंडिया आइडल अवॉर्ड सहित दर्जनो अवॉर्ड प्राप्त हो चुके है. इसके अलावा द तमिल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने आर के श्रीवास्तवा को उनके द्वारा शिक्षा में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यो के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित कर चुका है.


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