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स्कूलों में होगी अब अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं ,युवा दिमाग मे होगी रचनात्मकता का निर्माण

डीबीएन न्यूज/शेखपुरा(ललन कुमार)

अब स्कुलो में युवा दिमाग मे जिज्ञासा,रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देने के लिए अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला बनेगी.इसकी जानकारी देते हुए शेखपुरा डीएम योगेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में एक लाख बच्चों को नियोटिक इनोवेटर्स के रूप में विकसित करने के लिए,अटल इनोवेशन मिशन पूरे भारत के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लेबोरेटरीज (एटीएल) की स्थापना कर रहा है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवा दिमाग में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना है. साथ ही डिज़ाइन मानसिकता, कम्प्यूटेशनल सोच, अनुकूली शिक्षा, भौतिक कंप्यूटिंग आदि जैसे कौशल विकसित करना है.

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डीएम ने कहा कि एटीएल वह कार्यस्थल है जहां युवा दिमाग अपने विचारों के आकार को अपने हाथों के माध्यम से आकार दे सकता है और नवाचार कौशल सीख सकते है. युवा बच्चों को एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) की अवधारणाओं को समझने के लिए उपकरण और उपकरणों के साथ काम करने का मौका मिलेगा.उन्होंने कहा कि एटीएल में विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, ओपन सोर्स माइक्रोकंट्रोलर बोर्ड, सेंसर और 3 डी प्रिंटर और कंप्यूटर पर शैक्षिक और सीखना ‘इसे स्वयं करें’ किट और उपकरण शामिल होंगे. इसमे अन्य वांछनीय सुविधाओं में मीटिंग रूम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा शामिल है.


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डीएम ने कहा कि छात्रों के बीच आविष्कार को बढ़ावा देने के लिए, एटीएल आवधिक अंतराल पर क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं, प्रदर्शनियों, समस्याओं को सुलझाने, डिजाइन करने और उत्पादों के निर्माण, व्याख्यान श्रृंखला आदि पर कार्यशालाओं से लेकर विभिन्न गतिविधियों का संचालन करेगा.उन्होंने कहा कि एआईएम अनुदान सहायता प्रदान करेगा जिसमें एक बार की (एटीएल)स्थापना लागत रु 10 लाख और परिचालन खर्च रु प्रत्येक एटीएल में अधिकतम 5 वर्षों के लिए 10 लाख है.


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