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नहीं थम रहा बिहार क्रिकेट से जुड़ा विवाद, BCA ने फिर ठोकी दावेदारी


बिहार में क्रिकेट से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. असली-नकली की दावेदारी को लेकर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार यानी CAB और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन यानी BCA के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इसी क्रम में रविवार को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल बोहरा व सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह ने बीसीए को ही बीसीसीआई द्वारा बिहार में क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए अधिकृत संस्था क़रार दिया.

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स द्वारा BCCI को भेजे गए 5 मई 2018 के ई-मेल में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को क्लीनचिट देते हुए उसकी मान्यता को बहाल रखने का आदेश दिया गया है. मीडिया से मुखातिब होते हुए रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि COA द्वारा BCA से बिहार सरकार के साथ सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हुए रजिस्ट्रेशन समेत अन्य कई जानकारियां मांगी गई थी. इसके बाद बीसीए द्वारा 23 अप्रैल 2018 को सीओए को सभी आवश्यक कागजात भेजकर जानकारी दी गई.



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जानकारी मिलने के बाद COA द्वारा BCA के स्पष्टीकरण पर अपनी सहमति जताते हुए BCA को ही बिहार में क्रिकेट की गतिविधियां चलाने से संबंधित आदेश बीसीसीआई के पदाधिकारियों को दिया गया. इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद सिंह ने सीएबी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा विधायक प्रेम रंजन पटेल तथा सचिव आदित्य वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं.



उन्होंने कहा कि पटेल एवं वर्मा द्वारा BCA के निबंधन के मामले में गलत आरोप लगाकर बिहार के खिलाड़ी एवं खेल प्रेमियों को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया है. उनके द्वारा बीसीसीआई के समक्ष अबतक बीसीए के बारे में केवल गलत सूचना देकर भ्रम की स्थिति पैदा की गई है. सीएबी द्वारा 8 मई 2018 से जोनल स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करने की घोषणा की गई है, यह अपने आप में कहीं न कहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना मालूम होती है.

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उन्होंने कहा कि जब बीसीए को क्रिकेट का आयोजन करने का आदेश सीओए द्वारा दिया गया है, फिर सीएबी के क्रिकेट टूर्नामेंट का कोई मतलब नहीं रह जाता. ऐसे लोग बिहार क्रिकेट की भलाई की बात करते हैं और अपने आप को खिलाड़ी का मसीहा मानते हैं लेकिन इनको खिलाड़ियों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है. यह केवल गद्दी प्राप्त करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग एक तरफ बीसीए गैर निबंधित संघ बताने का कुचक्र चलाते हैं और दूसरी ओर अपने बेटे लखन राजा को बीसीए की अंडर-23 क्रिकेट टूर्नामेंट में रजिस्ट्रेशन कराते हैं.

सिंह ने कहा कि विरोधियों का यह दोहरा चरित्र राज्य के सामने उजागर हो चुका है. BCA सचिव ने कहा कि पीडीसीए द्वारा गैर निबंधित टूर्नामेंट खेलने के आरोप में लखन राजा पर कार्रवाई की जा चुकी है. सिंह ने कहा कि सीएबी का कार्य केवल बीसीसीआई और बिहार सरकार को गुमराह करना ही है. इनको बिहार के क्रिकेट से कोई लेना देना नहीं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि बीसीए द्वारा अगले कुछ दिनों के अंदर रणधीर वर्मा अंडर-19 बिहार चैंपियनशिप का आयोजन 5 जोनल केंद्रों पर किया जाएगा. इसकी घोषणा कुछ दिनों के बाद कर दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि अगले सत्र 2018-19 के लिए बीसीए द्वारा सभी पहलुओं पर कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं. बिहार के खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में भाग लें और बिहार में भी BCCI द्वारा रणजी ट्रॉफी के मैच आयोजित कराया जाए, ऐसा प्रयास किया जा रहा है. इस अवसर पर बीसीए के उपाध्यक्ष नवीन जमुआर, बीसीए मीडिया कमेटी के चेयरमैन संजीव कुमार मिश्र व लीगल एडवाइजर राजेश कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे.



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