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भागलपुर: दबंग वार्ड पार्षद पति ने शराब के नशे में नगर आयुक्त पर किया हमला, जमकर मचाया कार्यालय में उत्पात….

डीबीएनन्यूज/संजीव मिश्रा(भागलपुर)-वार्ड 41 की पार्षद संध्या गुप्ता के पति विनय कुमार गुप्ता ने शाम करीब 5 बजे नगर निगम कार्यालय में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और विरोध करने पर नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा पर हमला बोल दिया.कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर नगर आयुक्त को बचाया. घटना को अंजाम देने के बाद विनय गुप्ता फरार हो गया, लेकिन निगम के कर्मचारियों ने उसके दो सहयोगियों टुनटुन और अमर गुप्ता को पकड़कर आदमपुर पुलिस के हवाले कर दिया.

घटना से नाराज निगमकर्मियों ने आपात बैठक कर हड़ताल पर जाने की घोषणा की.प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे विनय गुप्ता दो पार्षदों समेत पांच सहयोगियों के साथ अपने वाहन से नगर निगम पहुंचे. पीछे से 10 की संख्या में उनके समर्थक भी आ गए.

इस दौरान वाहन से उतरकर दोनों पार्षद नगर निगम से बाहर चले गए और विनय गुप्ता गाली-गलौज करते हुए कार्यालय में प्रवेश कर गए. कर्मचारियों को गाली देते हुए फाइल फेंकनी शुरू कर दी और कार्यालय बंद करने की धमकी दे डाली. वहां से कैश काउंटर पहुंचकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. काउंटर के शीशे तोड़ दिये. दबंग पार्षद पति के डर से कर्मचारी कुछ देर के लिए सहम गए, लेकिन थोड़ी देर बाद वे लोग विरोध करने लगे. इस बीच जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त चैंबर से नीचे उतरे और समझाने की कोशिश की.

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लेकिन विनय गुप्ता ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की शुरू कर दी और हाथ उठाकर मारने की कोशिश की .
हालांकि वहां पर मौजूद कर्मचारी जयप्रकाश यादव ने विनय गुप्ता का हाथ पकड़ लिया. इसके बाद विनय गुप्ता के सहयोगियों ने धक्का-मुक्की कर कर्मचारियों को गोली मार देने की धमकी दी.

नगर आयुक्त ने एसएसपी मनोज कुमार को घटना की जानकारी दी. कुछ देर बाद विधि-व्यवस्था इंस्पेक्टर विजय कुमार और आदमपुर थाना प्रभारी मनीष कुमार पुलिस बल के साथ नगर निगम पहुंचे.

इस बीच विनय गुप्ता फरार हो गये, लेकिन कर्मचारियों ने दो हमलावरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. बाइक से आए लोग भी भाग गए. घटना के बाद नगर निगम के कर्मचारी आक्रोशित हो गए और गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे.

वहीं नगर आयुक्त ने कहा कि पार्षद पति ने शराब पीकर सहयोगियों के साथ कार्यालय में तोड़फोड़ की है. समझाने पर धक्का-मुक्की कर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने लगे. उन्हें समझाने का प्रयास किया , लेकिन नशे में रहने के कारण वह बात सुन नहीं रहे थे. शराब पीकर कार्यालय में तोड़फोड़ करना गंभीर अपराध है.घटना को लेकर नगर निगम के प्रधान सहायक मनोज सहाय के बयान पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है.

आदमपुर थानाध्यक्ष ने कहा प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है,लेकिन खबर लिखे जाने तक पार्षद पति की गिरफ्तारी नहीं हुई है .

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