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वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देकर ‘छू लो आसमान’ की टीम निकल गई बिहार सरकार से आगे

डीबीएन न्यूज डेस्क– मेधा प्रतियोगिता,पेंटिंग प्रतियोगिता,डांसिग,संगीत,क्विज के जरिये गावँ- गावँ व विद्यालय जाकर चेत प्रकाश व उनकी टीम युवा समाज में शिक्षा को सुधारने का बीड़ा उठाया है. यह कार्य उनके द्वारा पिछले चार वर्षों से किया जा रहा है.

इसी कड़ी में युवाओं की टोली बनाकर बिक्रम प्रखण्ड के पतुत गावँ से निःशुल्क पाठशाला की शुरुआत हुई, जहां शिक्षित युवाओं की टोली शिक्षा से महरूम बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. शुरुआत में यह मुहिम कठिन थी लेकिन कहा जाता है कि “करत- करत अभ्यास से जड़ मति होत सुजान, रसरी आवत जात से शील पर परत निसान” मेहनत रंग लायी. गांव के टुनटुन सिंह ने अपना मकान दिया और शिक्षित युवा जुड़ गए इस मुहिम में.


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अब जो सबसे कठिन था वो था शिक्षा से महरूम बच्चों को पाठशाला तक लाना. लेकिन ज्योत प्रकाश और युवाओं की टोली के साथ उषा देवी घर -घर जाकर शिक्षा के फायदे बताने से लोग बच्चों के पढाई के लिए भेजने को तैयार हुए और शुरू हुई निःशुल्क पाठशाला. लगने लगे बच्चों के सपने को पंख. जो बच्चे गरीबी की वजह से भेड़-बकरी चराते थे,मजदूरी करते थे. जब छू लो आसमान की टीम ने उनके हाथों में निःशुल्क पुस्तक,किताब,कॉपी,कलम दी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

आज तो पाठशाला में बहुत बच्चे शिक्षा के साथ -साथ पेंटिंग आदि सीखने आते हैं.अभी 80 बच्चे प्रतिदिन आते हैं. गावँ के लोग एवं अभिभावक कहते हैं पहले हमारे बच्चे इधर -उधर घूमते थे. अब उनके अंदर शिक्षा के साथ संस्कार भी आया है और हमें सुबह- शाम प्रणाम भी करते हैं.

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रविन्द्र साव,रामसुकित मोची,कुणाल साव समेत अन्य अभिभावक कहते हैं कि “हमारे बचवा अब पढ़ है अउ कुछ हिसाब होव है त एकरा से करवा ही तब लगल पढ़ाई केतना जरूरी हे”चेत प्रकाश बतातें हैं कि अगर इस तरह की टोली हरेक गावँ में बने तो हम समाज के गरीब बच्चों को शिक्षित कर पाएंगे. इसलिए वे पूरे बिहार के गावँ में जाएंगे और युवा को प्रेरित कर प्रत्येक गावँ में निःशुल्क पाठशाला से शिक्षा से महरूम बच्चों को शिक्षित करेंगे.

इनका मानना है कि गरीबी से लड़ने का मुख्य हथियार शिक्षा है.पाठशाला में बच्चे पढ़ाई के साथ साथ पेंटिंग, गायन,नृत्य भी सिख रहें हैं. साथ ही बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए खेल-कूद भी कराया जाता है.

छू लो आसमान टीम द्वारा ग्रामीण प्रतिभा को निखारने की इस मुहिम में चेत प्रकाश की टीम में प्रीतम शर्मा,संजीव कुमार, सौरव कुमार, मुखिया कमलेश शर्मा, सुनील कुमार आदि लोगों ने समाज में कुछ करने की ठानी तो बाद में धीरे-धीरे युवाओं की टीम जुड़ती गयी जिसमें ज्योत प्रकाश, कुंदन, ऋषि, शुभम,सूर्यप्रकाश,बीरेंद्र,नीतीश,प्रिंष,साहिल जैसे सैकड़ों युवा जुड़ते गए.

उषा देवी जैसी महिला की टीम भी समाज को शिक्षित करने के इस मुहिम में जुड़ी है. इस टीम के सदस्य जहानाबाद,पटना,वैशाली में भी एवं जहाँ जाते हैं वहाँ साप्ताहिक,मासिक, वार्षिक आयोजन करते हैं जिसमें पाठशाला लगाना,मोटिवेशनल classes, क्विज,
पेंटिंग,dancing,singing, जैसे ग्रामीण प्रतिभा को निखारने के लिए कार्य कर रहें हैं. साथ में पर्यावरण,जल,बिजली,विलुप्त पक्षियों के संरक्षण,स्वछता हेतू जागरूकता अभियान उनका मुख्य लक्ष्य हैं.

आजकल के भाग दौड़ की जिंदगी में अपने एवं अपने परिवार के लिए समय निकालना कठिन है. फिर भी चेत प्रकाश अपने खाली समय में समाज में कुछ करने का जो बीड़ा उठाया है काबिले तारीफ है. चूंकि चेत प्रकाश खुद जॉब में है. इस टीम का लक्ष्य आने वाले समय में पूरे बिहार में शिक्षित युवाओं के साथ मिलकर गरीब एवं शिक्षा से महरूम बच्चों के लिए और ग्रामीण प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से निःशुल्क पाठशाला शुरू करना है.


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