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बिहार चुनाव से पहले नीतीश को सत्ता से बाहर करवाना चाह रहे है चिराग-रामविलास! जानें सब के पीछे है कोन

रामविलास पासवान और उनके बेटे लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान विपक्ष की भाषा बोल रहे हैं! जिस तरह बिहार का पूरा विपक्ष बिहार विधानसभा का चुनाव टालने की मांग कर रहा है ,ठीक उसी तर्क पर रामविलास और चिराग भी चुनाव टालने की मांग कर रहे हैं। लेकिन पिता-पुत्र की यह मांग सुनकर कोई इस मुग़ालते में न रहे कि पासवान एंड फ़ैमिली पाला बदलने जा रही है!

तब सवाल उठता है कि यह मांग क्यों उठ रही है? पासवान फ़ैमिली चाह क्या रही है? इसका जवाब यह है कि पासवान फ़ैमिली चाह रही है कि नीतीश कुमार चुनाव से पहले बिहार की सत्ता से बेदख़ल हो जायें! जाहिर है कि बिहार अब राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है! राष्ट्रपति शासन का मतलब सत्ता घुमा-फिरा कर बीजेपी के हाथों में चली जायेगी।

जानकारों का कहना है कि बीजेपी चाहती है कि बिहार विधानसभा का चुनाव टल जाये और अगले साल पश्चिम बंगाल के साथ बिहार का भी चुनाव करा लिया जाये। बंगाल और बिहार पड़ोसी राज्य हैं। बिहार और बंगाल में बीजेपी का प्रचार हिंदुत्व के एजेंडे के आसपास में ही घूमेगा। अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन प्रचार के केंद्र में रहेगा। बीजेपी को लगता है कि यह एक ऐसा मुद्दा जिसे केंद्र मे रखने पर धार्मिक आधार पर वोटरों की गोलबंदी में आसानी होगी।

तो सवाल उठता है कि बीजेपी खुद क्यों नहीं चुनाव टालने की बात कर रही है? जानकारों का कहना है कि बीजेपी के साथ दिक्कत यह है कि वह बिहार की सत्ता में बराबर की पार्टनर है। हेल्थ मिनिस्टर उसकी पार्टी का है। कोरोना का मुकाबला करने में हेल्थ सिस्टम की नाकामी से जनता में भारी नाराजगी है।

ऐसे में वह नीतीश कुमार से हटकर खुलेआम चुनाव टालने की मांग नहीं कर सकती है। हां, गांव-गिरांव में बीजेपी समर्थकों को चुनाव टालने की बातें करते देखा-सुना जा सकता है। चुनाव टलने पर बड़ा भाई को छोटा भाई कैसे बना दिया जायेगा, इसके लिए भी तर्क गढ़े जा रहे हैं।

लेकिन ऑन रेकर्ड बीजेपी ने चुनाव टालने की मांग करने के लिए लोजपा को आगे कर दिया है! लोजपा आज की तारीख में सीधे तौर पर बिहार की सत्ता में नहीं है। लिहाजा रामविलास और चिराग चुनाव टालने की मांग के साथ कोरोना से लड़ने में नीतीश सरकार की लचर व्यवस्था की आलोचना भी कर रहे हैं।