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बागी चाचा पारस से अब घर में नहीं सुप्रीम कोर्ट में निपटेंगे चिराग

LJP के बागी गुट खिलाफ चिराग पासवान कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। चिराग पासवान लगातार कानून के विशेषज्ञों के साथ बैठकर रणनीति बना रहे हैं कि किस तरह से इस मामले को कोर्ट में पेश किया जाए, ताकि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी भी बरकरार रहे और लोक जनशक्ति पार्टी भी उनके पास रहे। इसको लेकर चिराग पासवान अपने कुछ मित्र वकीलों के साथ गहन मंथन कर रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान आज शाम तक या फिर कल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर जाएंगे। साथ ही वह इस बात को लेकर डॉक्युमेंट भी तैयार कर रहे हैं कि उनकी पार्टी के संविधान में इस तरह से राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपदस्थ करने का कोई प्रावधान ही नहीं है। LJP के संविधान में इस बात का जिक्र है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मृत्यु होने या फिर वह खुद इस्तीफा देते हैं तभी दूसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है। ऐसे में उन्हें अपदस्थ नहीं किया जा सकता है।

 

दिल्ली में चिराग पासवान अपनी कोर कमेटी के साथ बैठक करके यह भी पता कर रहे हैं कि इस प्रकरण में उनकी पार्टी के किन-किन पदाधिकारियों ने बागी गुट का साथ दिया है। जल्द ही उन तमाम नेताओं को पार्टी से बर्खास्त करने की सूची जारी कर दी जाएगी। दिल्ली में मौजूद LJP के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, मुख्य प्रवक्ता अशरफ अंसारी के अलावा कई नेता चिराग पासवान के साथ मौजूद हैं।

चिराग पासवान अपने विश्वासी नेताओं को अपने साथ आगे भी रखेंगे और उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण पद देने की कवायद चल रही है। बुधवार को ही चिराग पासवान ने राजू तिवारी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष से प्रमोशन देते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। वहीं कई और नेताओं को पार्टी के संगठन में ऊपर लाया जाएगा।