Input your search keywords and press Enter.

पूर्व मंत्री सत्यदेव नारायण आर्य के राज्यपाल बनाए जाने पर राजगीर में खुशी,बाँटी गई मिठाईयां

नालंदा से डीएसपी सिंह

राजगीर विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) से आठ बार भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे सत्य देवनारायण आर्य हरियाणा के राज्यपाल बनाए गए हैं.इनके राज्यपाल बनाए जाने से राजगीर में भारी खुशी है.श्री सत्य देवनारायण आर्य राजगीर के पहले और नालंदा के दूसरे गवर्नर बनाए गए हैं.इनके पहले प्रोफ़ेसर सिद्धेश्वर प्रसाद को कांग्रेस शासनकाल में राज्यपाल बनाया गया था.आठ बार विधायक रहे सत्यदेव आर्य को दो बार बिहार मंत्रिमंडल में जगह मिली थी.पहली बार ये रामसुंदर दास मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास विभाग मंत्री बनाए गए थे.

इसके बाद नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में 2012 में खान एवं भूतत्व मंत्री बनाए गए थे.सत्य देवनारायण आर्य का जन्म अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर के गांधी टोला में एक साधारण परिवार में हुआ था.इनके पिता का नाम शिवन राम था.इनके पिता इनकी मृत्यु इनके जन्म से पहले ही हो गई थी इनका लालन-पालन इनकी मां और इनके चाचा रामफल आर्य ने किया बचपन से ही आर्य बड़े ही होनहार और तीक्ष्ण बुद्धि के बालकरहे हैं.इनकी पढ़ाई-लिखाई राजगीर नहीं हुई.इन्होंने एम ए की पढ़ाई पूरी की.पढ़ाई पुरी करने के बाद नौकरी कर कैरियर की शुरुआत की.ये पहली बार चंडी प्रखंड में कार्यालय सहायक के रूप में योगदान किये थे.लेकिन यह नौकरी उन्हें रास नहीं आई.

Loading...

वे नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गए.1972 ई भारतीय जनसंघ के टिकट पर इन्होंने भाग्य आजमाया.लेकिन उसमें वे सफल नहीं हो सके.पुनः 1977 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और भारी बहुमत से चुनाव जीत गए.इसके बाद सत्यदेव नारायण आर्य कभी पीछे मुड़कर नहीं देखे.राजनीति में लगातार शिखर पर पहुंचते गए.आठ बार राजगीर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का इन्हें मौका मिला.दो बार बिहार मंत्रिमंडल के सदस्य भी बनाए गए.2015 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इन्हें राजगीर का उम्मीदवार बनाया था.लेकिन पार्टी की अंदरूनी कलह से जदयू प्रत्याशी से वह मात खा गए थे.वे बहुत ही सरल और सह्रदय व्यक्तित्व के राजनेता के रुप में गिने जाते हैं.वे कर्मठ, तेजतर्रार, स्वच्छ, ईमानदार चरित्र के जनप्रतिनिधि रहे हैं.आर्य सभी वर्गों और वर्णों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं.जात पात की राजनीति उन्होंने कभी नहीं की.वे अपने राजनीति जीवन में किसी का विरोध नहीं किये.इसीलिए वे सभी वर्गों और धर्मों के बीच लोकप्रिय थे.हरियाणा के राज्यपाल बनाए जाने पर उनके चचेरे भाई सत्येंद्र प्रकाश आर्य, भतीजा शैलेंद्र कुमार आर्य ,भाजपा अति पिछड़ा मंच के जिला अध्यक्ष दयानंद प्रसाद गुप्ता सहित कई उनके चहेतों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके राज्यपाल बनाए जाने पर राजगीर में मिठाइयां बांटी.

Leave a Reply

Your email address will not be published.