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सुपर-30 के बचाव में उतरे कई बड़े राजनीतिक चेहरा, आनंद कुमार पर लगे आरोपों को बताया साजिश


‘सुपर-30’ और उसके संचालक आनंद कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ अब बिहार के कई बड़े राजनितिक दिग्गज उतर आये है. एक तरफ सुपर-30 के खिलाफ मीडिया में लगातार रिपोर्ट प्रकाशित किये जा रहे है तो दूसरी ओर सुपर-30 के बचाव में बीजेपी, राजद और रालोसपा नेता खुल कर सामने आये है.

इस कड़ी में बिहारी बाबु और पटना साहिब सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर कड़ी निंदा की और कहा कि ‘मैं सुपर 30 के आनंद कुमार पर गर्व करता हूं. आशा है समाज के लोग इन प्रायोजित मुद्दों के विरोध में आनंद कुमार के साथ खड़े होंगे, जिससे वह अपने देश को शीर्ष पर ले जाने के मिशन जारी रख सकें.’ वहीं, एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि कुछ लोग निहित स्वार्थ में जिसका सुपर 30 से कोई संबंध नहीं है के कारण बिहार के बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं व्यक्तिगत रूप से आनंद को जानता हूं, निसंदेह उनका काम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, इसमें कुछ लोग बाधा डाल रहे हैं.’


वहीं, राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर कहा कि ‘प्रत्येक बिहारी को आनंद की उपलब्धियों और पुरस्कारों पर गर्व है. उन्होंने राज्य के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण के माध्यम से प्रसिद्धि पाई है. उन्होंने गरीब बच्चों को मार्गदर्शन देकर नया जीवन दिया है. अब हम सभी को एकजुटता से उनके साथ खड़ा होना चाहिए.’

आगे नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आनंद कुमार को बदनाम करने के लिए कुछ ताकतें मीडिया में सुपर 30 के खिलाफ गलत प्रचार करवा रही हैं. उन्होंने कहा कि आनंद गरीब बच्चों को शिक्षित करते हैं, यही कारण है कि उन पर एक बायोपिक भी बन रही है.


साथ ही एनडीए के सहयोगी दल रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने भी देर रात ट्वीट कर कहा कि “यह दुखद है कि सुपर 30 के संचालक आनंद कुमार के खिलाफ अभियान छेड़कर कुछ खास समूह उनकी छवि को धूमिल कर रहे हैं. समाज के मेहनतकश वंचित, शोषित व पिछड़े तबके वाली पृष्ठभूमि से निकलकर आनंद की सुपर 30 ने बिहार और भारत का नाम रोशन किया है जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए.”


उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में कहा है कि यह वास्तव में निराशाजनक बात है, कि कुछ समूह ने अपने निहित स्वार्थ के लिए आनंद कुमार को बदनाम करने का कार्य कर रहे है. ऐसा कर ये लोग विश्वसनीयता को तोड़ने की काम कर रहे है.