Input your search keywords and press Enter.

पढ़ाई पूरी करने को लेकर लड़की ने किया शादी से इनकार, जबरन शादी कराने पर लड़की पहुंची थाने, मौसा गिरफ्तार

डीबीएन न्यूज/वजीरगंज(प्रिंस)- बिहार के मुख्यमंत्री ने बाल विवाह कानून को लागू कर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे को बुलंद करते हुए यहाँ की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में ललक एवं जागरूकता पैदा किया है .इसी अभियान का नतीजा है कि यहाँ की बेटी अब अपने शिक्षा एवं कैरियर को लेकर अपने अभिभावक से भी बगावत पर उतरने को तैयार रहती है.

अपनी बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए नाबालिक
जूही वजीरगंज थाने पहुंच गई और अपनी आप बीती थानाध्यक्ष को सुनाई. जूही ने इसी साल दसवीं की परीक्षा सेकेंड डिवीजन से पास की है और आगे पढ़ाई जारी रखते हुए वह डॉक्टर बनना चाह रही है,लेकिन उसके लक्ष्य रूपी पंख को उसके अभिभावक ने कतरने की कोशिश की तो वह घर से भागकर वजीरगंज थाने में पुहंच गई और थानाध्यक्ष से अपनी शादी रुकवाने सहित आगे की पढाई के लिये सरकारी व्यवस्था कराने की मिन्नतें की.


Widget not in any sidebars

जूही ने थानाध्यक्ष को बताया कि पिता के निधन की वजह से वह वजीगंज के कुर्किहार गाँव में अपने मौसा-मौसी के घर में रहकर पढाई कर रही है. जूही ने इसी साल दसवीं की परीक्षा सेकेंड डिवीजन से पास की है और आगे पढ़ाई जारी रखते हुए वह डॉक्टर बनना चाह रही है, लेकिन उसके बिना जानकारी के मौसा-मौसी और भाई ने शादी तय कर दी है और इस नाबालिग बच्ची के रिश्तेदारों ने कुछ दिन पहले छेका-फलदान भी करवा दिया.

Loading...

उसने अपने मौसा से पढाई की बात कही और शादी करने से इनकार किया तो मौसा उसे पीटने लगे.
जिसके बाद वह किसी तरह बहाना बनाकर ऑटो पकड़कर वजीरगंज थाना पहुँची.

वजीरगंज थानाध्यक्ष सुजीत कुमार ने बताया कि लड़की के बयान के अनुसार इसके मौसा किशोरी रमानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. लड़की को वजीरगंज महिला पुलिस के देखरेख में अग्रेतर कारवाई के तहत गया कोर्ट में पेश किया गया.कोर्ट में लड़की के दोनों मौसा को बॉंड पर रिहा किया गया एवं जूही के पढाई पर रोक नहीँ लगाने और फिलहाल बालिग होने तक शादी विवाह का जिक्र नही करने के अनुबंध पर रिहा किया गया है.

इधर जूही के साहसिक क़दम की सराहना करते हुए गया सदर एसडीओ ने जूही को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया और उसकी पढाई एवं कैरियर बनाने की शुभकामनाएँ भी दी. जूही के पिता के मौत के बाद किसी तरह से मौसा के पास रहकर मैट्रिक परीक्षा पास की है.अब वह और पढ़ना चाहती है और एक कुशल चिकित्सक बनकर अपने देश के गरीबों को मुफ्त चिकित्सा करना चाहती है. उसकी आगे की पढाई कैसे होगी उसे चिंता सता रही है.अब उसे कोई गैर सरकारी संस्था, ट्रस्ट या कोई तारणहार का इन्तेज़ार है.


Widget not in any sidebars

Leave a Reply

Your email address will not be published.