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हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से बोर्ड निगम का पूरा ब्यौरा पेश करने का दिया आदेश

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patna high court


पटना हाई कोर्ट ने बिहार में विभिन्न सरकारी बोर्डों एवं निगमों में अध्यक्ष और सदस्यों के स्वीकृत और रिक्त पदों के बारे में राज्य सरकार को विस्तृत ब्यौरा पेश करने का आदेश दिया है. इस मामले में चीफ जस्टिस एमआर शाह की खंडपीठ ने नागरिक अधिकार मंच की जनहित याचिका पर सुनवाई किये. उन्होंने सुनवाई करते हुए कई निर्देश दिया है.

दरअसल, इस मामले में राज्य सरकार द्वारा पटना हाईकोर्ट को बताया गया कि बीपीएससी, राज्य मानवाधिकार आयोग, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व कई अन्य निगमों व बोर्डो में बड़ी संख्या में अध्यक्ष व सदस्यों के पद रिक्त पड़े हैं. कोर्ट ने राज्य सरकार को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है. इस मामले पर फिर से कोर्ट 2 सप्ताह बाद सुनवाई करने वाला है.

वहीं, कोलकाता बेएर इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक चिट फंड कंपनी द्वारा बिहार की जनता से पैसे ठगने के मामले पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए सीबीआई को प्रगति रिपोर्ट सील लिफाफे में पेश करने को कहा है. एमआर शाह की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआई के जांच अधिकारी को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का आदेश दिया है. कोर्ट को बताया गया कि यह मामला 2012 से चल रहा था. इसमें बिहार के अलावे झारखंड, बंगाल व एमपी राज्य भी शामिल हैं, जहां इस घोटाले के तार जुड़े हैं. 18 सितंबर को फिर सुनवाई होगी.

इन दोनों मुद्दों के अलावे कोर्ट ने सिनेमाघरों में बुनियादी सुविधाओं पर सुनवाई किया. उसके सुविधाओं में कमी समेत अन्य मुद्दे पर रिपोर्ट देने को कहा. फिर पीयू के हॉस्टल से अवैध कब्जा क्यों नहीं हटा इस पर सुनवाई करते हुए कई सवाल किये. फ़िलहाल इस मामले पर 12 सितंबर को सुनवाई होगी. वहीं कोर्ट ने सड़क निर्माण में पेड़ों-मिट्टी की कटाई पर सख्ती, पर भी सुनवाई किया, लेकिन इसकी अगली सुनवाई फिर से 17 सितंबर को निर्धारित किया गया. अंत में एम् आर शाह की खंड पीठ ने दवा घोटाले में कार्रवाई पर रिपोर्ट मामले में कोर्ट ने रिपोर्ट देखा और अगली सुनवाई 24 सितंबर तय किया.

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