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मोदी कैबिनेट में LJP ने JDU पर कसा तंज,आरसीपी सिंह ने कहा पशुपति रामविलास के भाई तो चिराग भी शेर के बेटे

बीते कई दिनों से लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के दो गुटों में जंग जारी है. इस मामले में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह बातों ही बातों में एलजेपी सांसद पशुपति पारस का साथ देते दिखे. उन्होंने कहा कि जब भी कोई पार्टी टूटती है तो उसका कोई आधार होता है. स्वाभाविक है जहां छह सांसद थे और उसमें से पांच अलग हुए हैं तो कुछ ना कुछ गलती हुई होगी.


आरसीपी सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि चिराग पासवान कहते थे कि वो शेर के औलाद हैं अब कह रहे हैं कि वो अनाथ हैं. आजतक नहीं सुना कि शेर भी कभी अनाथ हो सकता है. शेर का बेटा अगर शेर हो सकता है तो शेर का भाई भी तो शेर ही होगा. इस बात से पशुपति पारस का साथ देते आरसीपी सिंह दिखे.

मंत्रिमंडल के विस्तार पर भी आरसीपी सिंह ने रखी बात

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हमारा बीजेपी से वर्षों का संबंध है और हमारे शीर्ष नेतृत्व में भी कोई कटुता नहीं है. निश्चित रूप से हम केंद्र में भी शामिल होंगे. ये आपसी समन्वय की बात है. इसके होने से माहौल और भी बेहतर होने में कामयाब होंगे. निश्चित रूप से लोगों को जो लगता है कि हम एनडीए में हैं और शामिल नहीं हो रहे हैं तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. हम दोनों जगह रहेंगे और दोनों जगहों पर हमारी भागीदारी होगी.

पीएम नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में शामिल होगा जेडीयू

आरसीपी सिंह ने एक बार फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी पार्टी के शामिल होने की इच्छा जताई.उन्होंने कहा कि इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा.अभी लोग यह कहते हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में रहते हुए भी जेडीयू आखिर क्यों केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं है? उन्‍होंने कहा कि जेडीयू की बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कोई तनातनी नहीं है. जब भी केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, निश्चित रूप से जेडीयू उसमें हिस्सेदार रहेगी.

आरसीपी ने कहा, “हमारे पार्टी में एक मात्र नेता नीतीश कुमार हैं और इसको लेकर कन्फ्यूजन नहीं है. मंत्रिमंडल में मेरा नाम तो 2017 से आता रहा है तो ये स्वाभाविक है कि लोग अपने हिसाब से कयास लगाते हैं, पर ये अधिकार हमारे नेता का है. उन्होंने जब भी निर्णय लिया सभी से पूछकर ही लिया. सबकी राय और बातचीत के बाद ही निर्णय होता है.”