Input your search keywords and press Enter.

पूर्व विधायक राजर्षि स्व.राय हरिशंकर की स्मृति में ” बिहार छात्र संसद ” पटना में होगा आयोजित

डीबीएन न्यूज/मोतिहारी {मधुरेश}

पूर्व पीएम भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण के निकट सहयोगी रहे उत्तर बिहार में किसान आंदोलन के झंडाबरदार पूर्व विधायक राजर्षि राय हरिशंकर शर्मा की याद में राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आगामी 23 सितंबर को ” बिहार छात्र संसद ” का आयोजन किया जाएगा. राय हरिशंकर शर्मा सेवा ट्रस्ट एवं ग्रामीण महिला विकास समिति के बैनर तले आयोजित होने वाले इस समारोह की तैयारी जोरों पर है. आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य राय केशव शर्मा ने कहा कि भारत की पचास प्रतिशत आबादी युवा है. 315 मिलियन से भी ज्यादा छात्र आबादी के साथ भारत विश्व के सबसे ज्यादा छात्रों वाला देश होने का गौरव रखता है. इसी भारत के बिहार प्रदेश में सन 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का बिगुल छात्रों के साथ फूंका था जो आज तक का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन है. इसी जेपी आंदोलन से लालू प्रसाद, नितीश कुमार, शरद यादव, सुशील कुमार मोदी और राम विलास पासवान सरीख़े नेता निकले. लोकतंत्र और आंदोलनों की जननी बिहार की गौरवशाली धरती पर 23 सितम्बर को पटना के प्रतिष्ठित ज्ञान भवन में बिहार छात्र संसद का आयोजन होने वाला है. इस आयोजन का लक्ष्य वर्तमान के नेताओं का संवाद भविष्य के नेताओं के साथ स्थापित करना है. इस छात्र संसद में एक ओर जहां गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मालिक, मुख्यमंत्री नितीश कुमार सहित बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और जमुई के युवा सांसद चिराग पासवान शिरकत करेंगे तो दूसरी ओर चारु प्रज्ञा, नेहा जोशी, राम पुणयानी, रविश कुमार और अजित अंजुम जैसे हस्तियों के भी शामिल होने की संभावना है. ये सभी महानुभाव बिहार के लगभग 1500 छात्रों के साथ सीधा संवाद करेंगे. इस आयोजन का लक्ष्य ना सिर्फ इन नेताओं और छात्रों के बीच संवाद स्थापित करना है बल्कि, बिहार और देश भर के छात्रों को विकासशील लोकतान्त्रिक व्यवस्था के प्रति सही समझ और सच्ची श्रद्धा विकसित करना है.

Loading...

Widget not in any sidebars

DIGI Singing Star Audition के लिए क्लिक करें

सुबह 9 बजे से शाम के 8 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कई सत्र होंगे, जिसमें जातीय आरक्षण, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे मूलभूत और जरुरी विषयों पर चर्चा होगी. कार्यक्रम का एक मुख्य बिंदु बिहार में पर्यटन के विकास पर भी केंद्रित होगा. ऐसा बिहार में संभवतः पहली बार हो रहा है कि इतने जरुरी मुद्दों पर एक ही मंच पर राजनीति और पत्रकारिता के दिग्गजों के साथ छात्र भी भागीदारी करेंगे. इससे भी ज़्यादा आश्चर्य और ख़ुशी वाली बात तो ये है कि इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी बिहारी युवाओं की एक टीम के ऊपर है. आयोजन समिति में युवा समाजसेवी और जाग्रति यात्रा में सहभागी राय केशव शर्मा, अंकित कुमार, संस्कृति फाउंडेशन की आकांक्षा भटनागर और दुर्गेश सोनू जैसे कई ऊर्जावान युवा शामिल हैं. बिहार के युवाओ के देख-रेख में हो रहे इस छात्र संसद का आयोजन हमें इस बात के प्रति आश्वस्त करता है की कार्यक्रम में परिकल्पना के अनुसार लक्ष्य की प्राप्ति होगी. किसी भी लोकतंत्र में इस तरह के आयोजनों से ना सिर्फ लोकतंत्र की नींव मजबूत होती है बल्कि, राजनीतिज्ञों को भी जनता ख़ासकर छात्रों से सीधी बातचीत और वाद-विवाद करने का भी अवसर देती है. छात्र संसद के आयोजन से बिहार और देश की राजनीति और प्रशासन में सकारात्मक बदलाव आएगा.


Widget not in any sidebars

Leave a Reply

Your email address will not be published.