Breaking News
November 20, 2018 - मंजू वर्मा के अधिवक्ता ने बताया क्यों नहीं कर पा रही थी सरेंडर
November 20, 2018 - अरवल:कलेर प्रखण्ड़ मे मुखिया के मनमानी से वाड़ॅ सदस्य त्रस्त, वाड़ॅ सदस्य के अधिकार के लिए खाडा उतरे वाड़ॅ सदस्य जिला संरक्षक मनोज सिंह यादव
November 20, 2018 - नीतीश कैबिनेट में विधायकों के वेतन भत्ते पर लगी मुहर
November 20, 2018 - मंत्री मंजू वर्मा ने शातिर तरीके से किया सरेंडर
November 19, 2018 - जहानाबाद गांधी मैदान से भाजपा के खिलाफ आर-पाार की लड़ाई होगी, दीपंकर ने किया ऐलान
November 19, 2018 - अरवल : डीएम ने जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक कर दिए कई निर्देश
November 19, 2018 - कुशवाहा के जाने से हो जाएगी लोजपा की बल्ले-बल्ले
November 19, 2018 - नीतीश के वजह से एनडीए में नहीं है आदर्श स्थिति
November 19, 2018 - राम मंदिर निर्माण पर 25 को अयोध्या में बवाल, बीजेपी और आरएसएस बना रही पसीना
November 19, 2018 - नीतीश के सपोर्ट में खड़ा हुए जदयू के धुरंधर, अकेले मुकाबला कर रहे तेजस्वी

सवर्ण आरक्षण को ले राजद दुविधा में, पार्टी नेताओं में मंथन जारी तेजस्वी ले सकते हैं ये स्टैंड

शेयर कर और लोगों तक पहुंचाए

आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों के आरक्षण देने को लेकर राजद फिर से दुविधा उत्पन्न हो गई है. दरअसल, सवर्णों के आरक्षण को लेकर आज सभी पार्टी सोचने के लिए मजबूर है, लेकिन इससे पहले सवर्णों के आरक्षण पर वकालत राजद कर चुकी है. आज भले ही राजद दुविधा में हो लेकिन मालूम हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसद आरक्षण का पक्ष लिया था.

बदले हालात में आरक्षण एवं एससी-एसटी एक्ट के मसले पर केंद्र सरकार की किरकिरी का अनुमान लगाते हुए राजद लोकसभा चुनाव में भाजपा को घेरने के लिए इसे मुद्दा बनाने के पक्ष में तो है लेकिन पार्टी में वरिष्ट नेताओं के विचार अलग-अलग है. जिसे लेकर राजद एकमत हो कर सवर्णों का वोट अपने पक्ष में करने की जुगत में है.

इसी मद्देनज़र लोकसभा चुनाव की रणनीतियां तय करने के लिए राजद ने मंगलवार को शीर्ष स्तर की बैठक बुलाई है, जिसमें केंद्र की भाजपा सरकार के साढ़े चार साल के कार्यों की समीक्षा करते हुए महागठबंधन के लिए मुद्दे तय किए जाएंगे. बैठक में बूथ लेबल एजेंटों की नियुक्ति और रघुवंश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में बनी संघर्ष समिति के लिए एजेंडा तय करना है. इसके साथ ही सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी यादव अपने थिंक टैंक से जानने की कोशिश करेंगे कि आरक्षण एवं एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ सवर्णों के गुस्से को राजद किस तरह भुनाए. गौरतलब हो कि तेजस्वी सभी को साथ लेकर चलने के पक्ष में है.

वहीं, वर्तमान हालातों की जिम्मेवारी राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी, जगदानंद सिंह और मंगनीलाल मंडल को दी गई है. शिवानंद तिवारी के मुताबिक एससी-एसटी एक्ट में संशोधन करके भाजपा ने अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मारी है. इसका सबसे ज्यादा विरोध भाजपा के कोर वोटर ही कर रहे हैं. जबकि इस मुद्दे पर रघुवंश सिंह का बयान दुविधा में डाल दें रहा है. जिससे पार्टी सवर्णों के बारे में सोचने के लिए मजबूर होते जा रही है.

आरक्षण के बारे में भाजपा नेताओं के उलझे बयानों ने भी उसके वोट बैंक को गहरा प्रभावित किया है. ऐसे में भाजपा विरोधी दलों का अपना स्टैंड तय करना वक्त की मांग है. कांग्र्रेस ने गरीब सवर्णों को भी 10 फीसद आरक्षण का पक्ष लिया है. राजद को भी अपनी लाइन साफ करनी है. इतना साफ है कि हम जल्दीबाजी में कोई निर्णय नहीं लेने जा रहे. जानकारी के लिए बता दूँ कि तेज प्रताप ने भी इस मसले पर खुल कर सहमती दें चुके है. वहीं, पार्टी के आलाकमान संभाल रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने अपना रुख अभी तक साफ़ नहीं किया है. खास बात यह है कि पूर्व में तेजस्वी यादव ने आबादी के हिसाब से भागीदारी देने का बयान भी दे चुके हैं. ऐसे में देखना होगा की पार्टी का अगला स्टेप क्या होता है.

शेयर कर और लोगों तक पहुंचाए

About author

Related Articles