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पत्रकारों के साथ अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी, सरकार पत्रकार सुरक्षा विधेयक को सदन में पारित करे

हितेश कुमार,पटना: गर्दनीबाग धरनास्थल पर सोमवार को इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन बिहार के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार सम्राट की अध्यक्षता में महाधरना का आयोजन किया गया. इस महाधरना मे सूबे बिहार के सभी 38 जिलों के पत्रकारों की हक एवं अधिकार के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करने की मांग की गई.

इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिराज अहमद कुरैशी महाधरना को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी. सरकार पत्रकार सुरक्षा विधेयक को सदन में पारित कर पत्रकारों को अपराधियों एवं प्रशासनिक प्रपंचो से सुरक्षा प्रदान करे एवं उन्हें निर्भीकता के साथ भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ होने का एहसास करवाने की कष्ट प्रदान करें. पत्रकारों पर लगातार हो रहे जुल्म से हम मर्माहत हैं. बिहार प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार सम्राट ने कहा कि सिवान, पटना, कटिहार, समस्तीपुर और अब आरा के पत्रकारों के साथ जो हुआ वो लोकतंत्र मे चौथा स्तंभ के लिए ठीक नहीं है. पत्रकारिता या पत्रकार लोकतंत्र की आंख होती है.

पत्रकार अपने कर्तव्य से बंधे होने के साथ सरकार व समाज के बीच केवल सेतु का ही काम नही करती बल्कि जन सरोकार के साथ सरकार के हर प्रयास में सक्रिय भागीदारी निभाती रही है. जिसके चलते अपराधी, माफिया, असामाजिक तत्व व कुछ कुछ अधिकारी भी नाराज होते रहें है. आंकड़ा बताते हैं कि आये दिन बिहार में लगातार पत्रकार पर हमले किये जा रहें है. इस कार्य में असामाजिक तत्व के अलावे कुछ अधिकारी भी शामिल नजर आ रहे हैं जो काफी चिंता जनक है. अगर सरकार हमारी बातों को नही सुनेगी तो फिर हम किसे सुनाएंगे. उन्होंने कहा कि श्री मान आप सबकी सुनते है, आपको हमारी बातों को भी सुननी होगी? पत्रकारों के मांगों में:-

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1. पत्रकार/मीडियाकर्मी पर कवरेज के दौरान हमले को विशेष कानून के तहत दर्ज किया जाए।
2. पत्रकार/मीडियाकर्मी को कवरेज करने से रोकने को सरकारी काम में बाधा की तरह देखा जाए।
3. पत्रकार/मीडियाकर्मी पर दर्ज हुए मामलों की पहले स्पेशल सेल के तहत जांच की जाए, मामले की पुष्टि होने पर ही केस दर्ज किया जाए।
4. पत्रकार/मीडियाकर्मी पर दर्ज हुए मामले की जांच के लिये कम से कम पीसीएस या आईपीएस अधिकारी द्वारा जांच हो।
5. यदि पत्रकार/मीडियाकर्मी पर झूठा मामला दर्ज किया जाता है और उसकी पुष्टि होती है तो झूठा मुकदमा करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास और अधिकतम जुर्माने का प्रावधान हो।
6. पत्रकार/मीडियाकर्मी की हत्या को रेयरेस्ट क्राइम के अंतर्गत रखा जाए।
7. पत्रकार/मीडियाकर्मी की कवरेज के दौरान दुर्घटना या मृत्यू होने पर नि:शुल्क बीमा प्रदान किया जाए।
8. कवरेज के दौरान घायल हुए पत्रकार/मीडियाकर्मी का इलाज सरकारी अथवा निजि अस्पताल में नि:शुल्क किया जाए।
9. यदि पत्रकार/मीडियाकर्मी के परिजनो पर रंजिशन हमला किया जाता है तो उनका इलाज सरकारी अथवा निजि अस्पताल में नि:शुल्क किया जाए।
10. कवरेज के दौरान अथवा किसी मिशन पर काम करते हुए पत्रकार/मीडियाकर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए।
11. पत्रकार/मीडियाकर्मी को आत्म सुरक्षा हेतू लाइसेंस इश्यू किया जाए।
12. सभी पत्रकार/मीडियाकर्मी को कवरेज के लिये राज्य तथा केन्द्र की ओर से आई-कार्ड जारी किया जाए।
13. प्रशासनिक व विभागीय बैठकों में पत्रकारों की उपस्थिति अनिवार्य हो।
14. पत्रकार/मीडियाकर्मी को कवरेज हेतूआवागमन के लिये आधे किराये का प्रावधान हो, तथा रेलवे में यात्रा के लिये शीघ्र आरक्षण दिया जाय।
15. मान्यता प्राप्त पत्रकार के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्गत प्राधिकार पत्र को आधार बनाया जाय।
16. अन्य राज्यों के भांति बिहार में भी पत्रकार आवास योजना लागू किया जाय. पत्रकार पर हो रहे हमले पर अविलंब रोक लगाई जाय, आदि उपरोक्त मांगो का मांग पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपा गया.

इस मौके पर बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार (नवादा), प्रदेश महासचिव मंजेश कुमार (बेगूसराय), प्रदेश कोषाध्यक्ष नसीम रब्बानी (वैशाली), उमेश विप्लवी, पटना जिला अध्यक्ष सनोबर खान, जिला महासचिव रंजीत विशाल, सचिव राजा कुमार, सदस्य सुजीत कुमार, मुकेश पाण्डेय (गया), शकील अहमद मुस्लिम जमाल शास्त्री (बेतिया), सलमान सागर, बिकास कुमार मो0 इरफान सीतामढ़ी, आरबी राय, प्रकाश सिंह (मोतिहारी), मो0 सौकत अली (मुजफरपुर), ललन कुमार (नालंदा), राजेन्द्र कुमार, नरेन्द्र सिंह, मनीष कमलिया (नवादा), मो0 इकबाल अहमद सहित अन्य पत्रकार उपस्थित थे.



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