Input your search keywords and press Enter.

चिराग के नीतीश से नाराज होने की वजह आई सामने

चुनाव नजदीक है ऐसे में लोजपा सीटों के ताल मेल को लेकर माहौल बनाती दिख रही है. लोजपा को डर है कि कहीं उसे कम सीटों पर संतोष न करना पर जाए. इसलिए ही रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा और जेडीयू के बीच बयानबाजी का दौर लगातार जारी है जो और तल्ख होता जा रहा है. तल्खी इस कदर बढ़ गई कि जेडीयू के बड़े नेता ललन सिंह ने चिराग को कालिदास तक कह दिया. अब समझते है ऐसा क्यों हो रहा है और लोजपा की डिमांड कितनी है.

एक रिपोर्ट की माने तो लोजपा जल्चाद ही सीटों का बंटवारा चाहती है. चुनाव आयोग के फैसले के बाद सीट को लेकर अब तानानी शुरू होना लाजमी है. चिराग ने भी कुछ समय पहले ये बयान भी दिया था कि अमित शाह ने उन्हें विधानसभा चुनाव में 42 सीटें देने का भरोसा दिलाया था लेकिन बावजूद इसके नीतीश कुमार लोजपा को तवज्जो नहीं दे रहे है.

खबर ये भी है कि चिराग के कई बार फोन करने के बाद भी नीतीश कुमार बात नहीं करते, हां सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर लम्बे अर्से के बाद नीतीश कुमार और चिराग पासवान में बात हुई तब लगा कि मामला ठीक हो रहा है लेकिन इसी बीच रामविलास पासवान हों या चिराग पासवान कोरोना के बहाने नीतीश कुमार पर इशारों में ही सही चुनाव और कोरोना को लेकर हमला बोला. इसके बाद जवाब में जेडीयू जो अभी तक चुप्पी साधे हुए था की तरफ से ललन सिंह ने मोर्चा सम्भालते हुए चिराग पर हमला बोल दिया.

सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार जिनकी पार्टी बार-बार ये कहती है कि हमारा गठबंधन भाजपा के साथ है लोजपा के साथ नहीं इस बार ज़्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. जदयू 2010 के फोर्मुले के अनुसार चुनाव में जाना चाहती है जब विधानसभा चुनाव में जेडीयू 142 और भाजपा 101 सीटों पर चुनाव लड़ी थी लेकिन अब भाजपा अगर उसमें से लोजपा को जितना देना चाहे दे दे. इसी बात ने चिराग को चिढ़ा दिया है और इस खबर के बाद चिराग लगातार नीतीश कुमार के प्रति आक्रामक हो गए हैं. चिराग लोकसभा चुनाव के आधार पर विधानसभा में टिकट चाहते है जो संख्या आधार पर लगभग 42 सीट पड़ता है लेकिन जेडीयू इसे किसी भी कीमत पर देना नहीं चाहता है.