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कुशवाहा ने बीजेपी को इस तरह दिया झटका, चुनाव से पहले होगा बड़ा उलटफेर?

upendra kushwaha

file photo

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की भोज में उपेन्द्र कुशवाहा के शामिल न होने से कई सवाल उठने लगे है. कुशवाहा ने अपने दो बड़े नेताओं को भेज कर माहौल को तो हल्का कर दिया लेकिन सवाल यही कि क्या चुनाव से पहले कोई बड़ा उलटफेर हो सकता है. क्या उपेन्द्र कुशवाहा अब एनडीए में छोटे दल नहीं बल्कि बड़े भाई की भूमिका में आना चाहती है. उनके नेताओं के बयान से तो यही लग रहा है कि रालोसपा अब खुद को जदयू से बड़े वोट बैंक वाली पार्टी बता रही है मतलब अब चुनाव से पहले अगर अच्छा ऑफर नहीं मिला तो कुछ भी हो सकता है.

गुरुवार को ज्ञान भवन में भाजपा की ओर से यह भोज आयोजित था. भोज में भाग लेने वालों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान, उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राधामोहन सिंह और अश्विनी कुमार चौबे शामिल थे लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा की कमी खल रही थी. विपक्ष ने भी इसपर निशाना साधा.

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भोज में रालोसपा की और से शामिल नागमणि ने इशारों में अपनी बात मीडिया में कह दी. नागमणि ने साफ कहा कि जदयू से ज्यादा सांसद रालोसपा के हैं. पार्टी का जनाधार भी बढ़ा है. कई दिग्गज नेता रालोसपा से जुड़े हैं. गठबंधन में पार्टी की हिस्सेदारी यानी सीटों की संख्या बढऩी चाहिए.

ज्ञान भवन में राजग के भोज में शामिल न होने पर रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी काम की व्यस्तता के कारण वे पटना नहीं आ सके, लेकिन भोज में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागमणि, प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी, सांसद रामकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई वरीय नेता भोज में शामिल हुए.


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