कुशवाहा की प्रेस कांफ्रेंस, लालू इतिहास, तेजस्वी ट्रेनिंग में, नीतीश से गठबंधन नहीं

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कुशवाहा ने प्रेस कांफ्रेंस कर आने वाले दिनों में पार्टी के कार्यक्रमों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि बिहार शिक्षा का स्तर बहुत ख़राब है इसलिए मेरा आन्दोलन शिक्षा के लिए जारी रहेगा. उन्होंने 28 नवंबर को उच और नीच मानसिकता विरोध दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया. ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि के दिन उच नीच दिवस के रूप में रालोसपा के कार्यकर्त्ता मनाएंगे. उन्होंने कहा कि उसी दिन से शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जायेगा. बच्चों को गुणवता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है.

प्रेस कांफ्रेंस के दौर जदयू पर कुशवाहा का मुड पूरा गरम रहा. उन्होंने साफ़ कह दिया हमारा गठबंधन बीजेपी और रालोसपा से है. हमारा अभी तक जदयू से कोई गठबंधन नहीं है. नीतीश द्वारा रालोसपा को मंत्रीमंडल में शामिल नहीं करने को लेकर भी कुशवाहा नाराज दिखे. कुशवाहा ने कहा कि हमें जब लाभ का पद देना था तब किसी ने नहीं पूछा अब त्याग की बात कर रहे है. एक सवाल के जवाब में कहा कि मुझे बासी भात पसंद नहीं, उनका मतलब है कि अब अगर मंत्रिमंडल में शामिल करने का न्योता मिलता है तो भी शायद शामिल न हो.

लालू और नीतीश कुमार में पावरफुल नेता किसे मानते हैं के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि अब लालू प्रसाद इतिहास बन चुकें है. चुकीं वह जेल में हैं और इस समय सक्रिय राजनीति में नहीं है इसलिए उनका अभी नीतीश से तुलना करना सही नहीं है.

सीट शेयरिंग पर कहा कि 3 से हमारी संख्या ऊपर होगी. उन्होंने कहा कि संख्या कितनी होगी यह अमित शाह से मीटिंग के बाद ही तय होगी. लेकिन इतना जरुर है यह संख्या 3 से ज्यादा होगी.

उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम के बयान से मैं आहत हूं. कहा कि नीतीश कुमार को पब्लिक के सामने अपने बयान का अर्थ सबको बताना चाहिए. अगर पब्लिक में नहीं बोलना चाहते तो अमित शाह के सामने या मेरे साथ बंद कमरे में साफाई दे.

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