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लखीसराय : बिना पानी के गिलास के ही सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच परोसे जाते हैं एमडीएम का भोजन

डीबीएन न्यूज/ लखीसराय(एस के गांधी)-सूबे में नीतिश-मोदी की सरकार की गलत शिक्षा नीति एवं अदूरदर्शिता के चलते सभी सरकारी स्कूलों में बिना पानी के गिलास के ही नौनिहाल स्कूली बच्चों के बीच मिड डे मील परोसे जाने से कई बच्चों को भोजन करने के दौरान परेशानी झेलनी पड़ रही है.

बावजूद इसके केन्द्र प्रायोजित एमडीएम स्कीम के तहत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना के तहत स्कूली बच्चों को भोजन करवाने के क्रम में पानी का ग्लास अथवा बोतल मुहैया नहीं करवाया जा रहा है .हालाॅकि गरीबी एवं बेबसी से बाध्य बच्चे समुचित पानी के बिना भी एमडीएम भोजन का स्वाद लेने में मशगुल हैं .


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खाने के बाद हाथों की साफ- सफाई के लिए सर्फ, साबुन आदि भी उपलब्ध स्कुलो द्वारा नहीं कराया जा रहा है. इस बीच विद्यालय प्रधान एवं अन्य सहायक शिक्षक भी सरकारी प्रावधानों के अनुसार विभागीय अदूरदर्शिता के चलते बिना पानी ग्लास के ही स्कूली बच्चों के बीच लिए मीड डे मील योजना का भोजन खिलाने मशगुल देखे जाते हैं .

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अक्सर विद्यालयों में कुल उपस्थित बच्चों के लगभग 40 फिसदी स्कूली बच्चे ही एमडीएम योजना का दैनिक लाभ उठा पाते हैं . अन्य 60 फिसदी बच्चे अपने अभिभावकों एवं रुचि की नापसंदगी की वजह से मध्याहन भोजन योजना का उपयोग नहीं करते हैं.

विद्यालयों में एमडीएम के संचालन को लेकर दैनिक भोजन मीनू का साप्ताहिक रोस्टर विद्यालय दीवार में लिखा दिखता है . लेकिन वर्ग प्रथम से अष्टम तक स्कूली बच्चों के बीच विषय वार पठन पाठन रूटीन का कहीं कोई लेखा जोखा नहीं दिखता है . अक्सर विद्यालयों में शिक्षकों का स्कूल में लेट से आना एवं पहले जाना की पॉलिसी को लेकर शिक्षकों में पठन पाठन के प्रति अध्ययन अध्यापन का माहौल बिल्कुल समाप्त दिख रहा है .

अक्सर विद्यालयों में अभिभावकों एवं विद्यालय शिक्षा समिति का अनदेखी के चलते भी इन शिक्षकों की क्रियाकलापों से अभिभावक एवं नागरिक अनभिज्ञ रहते हैं. हालांकि विद्यालयों में मिल रही पोशाक, छात्रवृत्ति , नैपकिन एवं पाठ्यपुस्तक मद की राशि बटोरने के लिए बिना पढ़े लिखे अभिभावक विद्यालय में जाकर अपने बच्चों को ये सामाग्री नहीं मिलने पर कोहराम मचाने में कोई कोर- कसर नहीं छोडते हैं . शिक्षा में कदाचार मुक्त माहौल के मद्देनजर समुचित पठन पाठन करवाने के प्रति रुचि भी वे नहीं रखते हैं.

इस जिला एमडीएम के प्रभारी डीपीओ परशुराम सिंह ने कहा कि एमडीएम के तहत स्कूली बच्चों के लिए पीने का गिलास मुहैया करवाने का विभागीय प्रावधान नहीं है .


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