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परिवार में उलझे रह गये लालू प्रसाद,जदयू प्रवक्‍ता नीरज ने कहा

जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी राजनीति में परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया.दूसरी तरह लालू प्रसाद कभी इससे बाहर नहीं निकले.तेजस्वी यादव को पार्टी अध्यक्ष बनाने की तैयारी लालू के इसी परिवारवाद का विस्तार है.

संगठन और सरकार में नहीं दिया परिवारवाद को बढ़ावा

नीरज ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी संगठन और सरकार में परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया.पार्टी संगठन के चेहरे बराबर बदलते रहे.समता पार्टी से लेकर जदयू तक यह सिलसिला जारी है.यहां तक कि चुनाव और मनोनयन के जरिए सदन में जाने वाले लोगों में ऐसे बहुत कम हैं, जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है.नीतीश कुमार और लालू प्रसाद-दोनों परिवारवाद के खिलाफ वाली राजनीति की देन हैं। लेकिन, लालू प्रसाद कभी परिवार से बाहर नहीं निकल पाए.

सात में से पांच चेहरे लालू परिवार के

नीरज ने कहा कि लालू परिवार पार्टी पर किस हद तक हावी है, यह पार्टी की वेबसाइट पर साफ नजर आता है.पार्टी नेता के रूप में सात चेहरे हैं.इनमें पांच लालू परिवार के हैं. अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे वरिष्ठ नेता आखिरी पंक्ति से झांकते नजर आ रहे हैं.राजद को पूरी जिन्दगी देने वाले विद्वान नेता भी कालेज का मुंह ना देखने वालों के पीछे रह गए.राजद के लोग अब लोहिया-जेपी का नारा तक भूल गए.2015 के विधानसभा चुनाव के बाद राजद को कैबिनेट में उप मुख्यमंत्री पद समेत 12 पद दिए गए थे. तब वरीय नेताओं को छोड़ कर लालू ने अपने पुत्रों को महत्वपूर्ण विभाग दिया.अपने बेटे तेजस्वी यादव को उप मुख्यमंत्री बनाया.बता दें कि इन दिनों राजद की कमान तेजस्‍वी को सौंपे जाने के चर्चे हो रहे हैं.