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समधन के इलाके में मांझी को भीड़ ने चलाया पैदल, मोतिहारी में BJP के मंत्री के साथ दुर्व्यवहार

बिहार चुनाव में NDA नेताओं का विरोध लागातार जारी है। आज मोतिहारी जिले के अमर छतौनी में ग्रामीणों ने बीजेपी प्रत्याशी प्रमोद कुमार का विरोध किया है। गुस्से में ग्रामीणों ने मंत्री प्रमोद कुमार के साथ दुर्व्यवहार भी किया है। लोगों ने इतना विरोध किया कि मजबूरी में उन्हें वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि सड़क नहीं बनने से लोग गुस्से में हैं। उनका कहना है कि प्रमोद कुमार की ओर से किसी भी तरह का विकास कार्य नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई बार कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार का विरोध हो चुका है। चुनाव प्रचार के दौरान भी लोग विरोध कर चुके हैं।

2 दिन पहले जीतन राम मांझी का भी हो चुका है विरोध
जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी बाराचट्टी से उम्मीदवार हैं. वे एनडीए से चुनाव लड़ रही हैं. जानकारी के अनुसार, जब पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी सांरवा गांव पहुंचे तो उन्हें अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा. मांझी के साथ विरोधी और आमलोग दोनों एक हो गए. साथ-साथ चलने लगे और नारा लगाने लगे कि रोड नहीं तो वोट नहीं. आधा किलोमीटर दूरी तक तक यह भीड़ उनके साथ चलती रही, फिर मांझी ही पिंड छुड़ाकर चुपके से निकल गए.

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी बुधवार को गया के बाराचट्‌टी विधानसभा क्षेत्र के सांरवा गांव अपने समधन ज्योति मांझी के लिए वोट मांगने गए थे. इस दौरान लोग आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री के चेहरे पर मायूसी साफ दिख रही थी. मामले को बढ़ता देख वो गाड़ी में बैठ निकल गए.

बता दें कि बाराचट्‌टी विधानसभा के सांरवा गांव में पिछले 15 साल से सड़क नहीं बनी है, जिसके कारण ग्रामीण प्रदर्शन करते आए हैं. डेढ़ साल पहले गांव वालों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें 29 लोगों पर मुकदमा हुआ था. सांसद विजय मांझी ने आश्वासन दिया था कि सड़क बनवाएंगे लेकिन आज तक यहां सड़क नहीं बन पाई है. गांव की ये सड़क इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये तीन पंचायतों का संपर्क का मुख्य साधन है.