राम मंदिर के लिए अपनी जान गवांने वाले बिहार के इस शख्स का बनेगा स्मारक..

Bihar Patna

राम मंदिर आंदोलन के दौरान बिहार से इकलौते शख्स संजय कुमार ने अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए अपनी जान को इस पर वार दिया था. पिछले 28 सालों से हर एक साल संजय कुमार के अयोध्या आंदोलन के लिए उनकी पुण्यतिथि पर याद किया जाता था, लेकिन अब संजय कुमार के योगदान को देखते हुए के संजय कुमार का स्मारक उनके कांटी स्थित साइन सुतिहार गांव में बनाने का फैसला लिया गया है.

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्मारक शिलान्यास के भूमि पूजन का काम भी कर लिया गया है. ग्रामीणों के सहयोग से संजय स्मृति चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया गया है. यह ट्रस्ट संजय कुमार के राम मंदिर आंदोलन में प्रेरणादाई योगदान के लिए उनकी याद में भव्य स्मारक का निर्माण करेगा.

ग्रामीणों ने अपनी जमीन इस ट्रस्ट और स्मारक निर्माण के लिए दान दी है. जमीन दान देने वाले हरिशंकर सिंह, मृत्युंजय नारायण सिंह, प्रोफेसर राज नारायण पांडे और कांटी के प्रमुख मुकेश पांडे ने अपनी अपनी जमीन दान में दी है. अब जब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है तो मुजफ्फरपुर के लोग भी संजय के योगदान को आने वाली पीढ़ियों के लिए जिंदा रखना चाहते हैं.

गुरुवार को हुए समारोह में संजय के पैतृक गांव कांटी के साइन सूतीहारा में उत्तर बिहार के प्रांत प्रचारक रामकुमार और बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने भूमि पूजन में भाग लिया.सभी अतिथियों ने संजय कुमार के योगदान को हिंदू समाज के लिए बलिदान बताते हुए नई पीढ़ियों के लिए आदर्श बताया.मंत्री सुरेश शर्मा ने ट्रस्ट के लिए ₹51000 का योगदान भी दिया

आपको बता दें कि वर्ष 1990 में राम मंदिर आंदोलन में भाग लेने के लिए मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार और बिहार के सैकड़ों लोग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पहुंचे थे. उस समय बाबरी मस्जिद का ढांचा बरकरार था. 30 अक्टूबर 1990 के दिन अयोध्या (Ayodhya) के विवादित परिसर में शातिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन हुआ था, लेकिन जब 2 नवंबर को 5 हजार लोगों का विशेष कार सेवकों का जत्था विवादित परिसर में पहुंचा था तो पुलिस ने गोलियां चलाईं और संजय की मौके पर ही मौत हो गई थी. संजय की मौत में हिंदूवादी लोगों को प्रेरणा देने का काम किया.