Input your search keywords and press Enter.

सावन मास की हर शाम अवश्य करें ये काम, मिलेगा कुबेर के समान खजाने का भंडार

DBN News,Supaul,Ashish Kumar Thakur

सावन मास में देवाधिदेव महादेव की स्तुति दिन में दो बार की जाती है. सूर्योदय पर ,फिर सूर्यास्त के बाद. यह माह आशाओं की पूर्ति का समय होता है. वैदिक श्री अजीत झा कहते हैं, इस महीने में शिव उपासना से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है. श्रावण में शिव भक्तों के लिए भगवान शिव का दर्शन एवं जलाभिषेक करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है. शिव मन्त्र का जाप अत्यंत उपयोगी माना गया है अन्यथा आप साधारण एवं सर्वप्रिय पंचाक्षरी मन्त्र “ॐ नम: शिवाय ” और गणेश मन्त्र “ॐ गं गणपतये नम:” का जाप करें.

Loading...

Widget not in any sidebars

सायंकाल को प्रदोष बेला कहते हैं. इस समय यदि भगवान शिव का सामीप्य मिले, समस्त दोष दूर हो जाते हैं. अतः सायंकाल शिव मंदिर में या अपने घर में ही मिट्टी से शिवलिंग और पार्वती तथा श्री गणेश की मूर्ति बनाकर सोलह प्रकार से पूजन करें, इनमें सोलह दूवी, सोलह सफेद फूल, सोलह मालाओं से शिव पूजन समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है.

DIGI Singing Star Audition के लिए क्लिक करें

इस उपाय से मिलेगा कुबेर के समान खजाने का भंडार

शिवपुराण के अनुसार कुबेर के समान खजाने का भंडार पाने के लिए वैसे तो रात के समय प्रतिदिन शिवलिंग के पास दीपक जलाना चाहिए लेकिन सावन माह में तो यह उपाय जरूर करना चाहिए. इस उपाय से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, अपने भक्त के जीवन में कोई भी समस्या शेष नहीं रहने देते विशेषकर धन से संबंधित किसी भी तरह का विकार. मंदिर में प्रवेश करते ही मन ही मन ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें और जब तक मंदिर से बाहर न आ जाएं निरंतर जाप करते रहें.


Widget not in any sidebars

Leave a Reply

Your email address will not be published.