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किसानों के मुद्दे पर भड़के सुशील मोदी, पूर्ववर्ती सरकारों पर लगाये गंभीर आरोप

न्यूज़ डेस्क: Unleashing Bihar’s Agriculture Potential: sources and drivers of Agriculture Growth विषय पर आयोजित राउंड टेबल कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की तुलना में हमारे राज्य की यात्रा काफी देर से शुरू हुई, जिसके कारण अब तक पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की स्थिति में नहीं पहुंच सके हैं. कांफ्रेंस के दौरान डिप्टी सीएम राजनीति करने से भी बाज नहीं आए और कहा कि पुरानी सरकारों ने किसानों के हित में काम नहीं किया, जिसके कारण राज्य के किसान अभी तक पिछड़ेपन का शिकार है.

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य में 2005-06 में एनडीए की सरकार आने के बाद किसानों के हित की कई योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू किया गया. किसानों के उत्पादन के भंडारण की स्थिति पर तस्वीर साफ करते हुए उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि राज्य भर में 8000 भंडारण केंद्र बनाए गए हैं. इसकी शुरुआत 2003-04 में आरंभ किया गया था.

राउंड टेबल कांफ्रेंस के दौरान किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं प्राप्त होना, सोलर पावर पंप सेट और बिजली की समस्याओं से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की गयी. इस दौरान सभी मुद्दों से जुड़े सवालों का बिंदुवार जवाब देते हुए उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब राज्य के किसान धान का उत्पादन नवंबर-दिसंबर में करते हैं तो उसमें नमी की मात्रा काफी अधिक होती है. जिसके कारण केंद्रीय एजेंसी धान की खरीद में आनाकानी करती है.

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उन्होंने बताया कि इस समस्या से निजात पाने के लिए राज्य सरकर ने ड्रायर का इस्तेमाल कर नमी की मात्रा कम करने की योजना लागू की है. साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि 35000 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ग्रामीण सड़कों पर खर्च किए जा चुके हैं. साथ ही साथ बाढ़ से हुई क्षति को लेकर राज्य सरकार अपने बजट से ₹5000 करोड़ का भुगतान किया है ताकि लोगों के पुनर्वास में मदद की जा सके.

डिप्टी सीएम ने बटाईदारों के हितों का ख्याल रखते हुए कहा कि अगर बटाईदारों को सर्टिफिकेट देने की बात की जाएगी तो बड़ा हंगामा होगा. उन्होंने यह कहा कि वार्ड पार्षद के लिखित सूचना के बाद बटाईदारों को सरकारी सुविधा और लोन मुहैया कराया जाएगा. साथ ही साथ उप-मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सब्जी को-ऑपरेटिव और फल को-ऑपरेटिव बनाने की योजना पर सरकार जोर-शोर से काम कर रही है.

डिप्टी सीएम सुशील मोदी के अनुसार देशभर में सब्जी के उत्पादन के मामले में बिहार तीसरे स्थान पर है. इस मामले में पहला स्थान पश्चिम बंगाल और दूसरा उत्तर प्रदेश का है. किसानों की कड़ी मेहनत और सरकारी योजनाओं की बदौलत इस मामले में पहले स्थान पर काबिज होने का अनुमान सुशील कुमार मोदी ने जताया. उन्होंने यह भी कहा कि राउंड टेबल कांफ्रेंस के दौरान जितने मुद्दों को उठाया गया है, लगभग सभी मुद्दों से राज्य सरकार अवगत है.

कांफ्रेंस के दौरान गुजरात में सोलर पावर पंप सेट की योजना और किसानों के लिए बिजली आपूर्ति की मांग गुजरात की तर्ज पर किए जाने की मांग भी की गयी. इस कांफ्रेंस के दौरान उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य का कृषि विकास दर देश की तुलना में अधिक है। विदित है कि विइस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव और जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी मौजूद रहे।


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