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नीतीश बना रहे हैं कैबिनेट विस्तार की योजना, शामिल हो सकते हैं कई नए मंत्री

nitish kumar cm

समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद नीतीश कैबिनेट के विस्तार एक बार फिर से होने की खबर आ रही हैं. इसकी विस्तार की योजना खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बना रहे हैं. कैबिनेट के विस्तार में गुड गवर्नेंस के अलावा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रख कर किया जाना है.

कहा जा रहा है कि नीतीश कैबिनेट की विस्तार पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के चार विधान परिषद सदस्यों के जदयू में शामिल होने के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही थी, लेकिन अब बुधवार को मंजू वर्मा के इस्तीफा देने के बाद यह चर्चा एक बार फिर और तेज हो गई है. ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कैबिनेट विस्तार में राजनीतिक घटनाक्रम और आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी की झलक दिखेगी.

सूत्र बताते है कि नीतीश की कोशिश दलितों में पैठ बढ़ाने और गैर यादव अन्य पिछड़ा वर्ग को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की है. कैबिनेट में फिलहाल आठ जगह खाली है. राजनीतिक गलियारे में जल्द ही आधे दर्जन नए मंत्रियों के जल्द शामिल किए जाने की भी चर्चा है.

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सूत्रों से पता चला है कि इस्तीफा देने वाली मंजू वर्मा की जगह किसी कुशवाहा जाति के ही नेता को मंत्री बनाने की चर्चा है. जिस भावुकता के साथ मंजू वर्मा ने इस्तीफा दिया, उससे इस जाति के भीतर एक हद तक सहानुभूति है. ये संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि आखिर मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के कॉल रिकॉर्ड को सेलेक्टिव तरीके से क्यों लीक किया गया? कुशवाहा जाति से कई नेता इसके दावेदार हो सकते हैं. जिनमें अभय कुशवाहा और उमेश कुशवाहा शामिल हैं. मंजू वर्मा के जाने से नीतीश कैबिनेट में जेंडर अनुपात भी शून्य हो गया है, क्योंकि कोई और महिला कैबिनेट में नहीं है.

ऐसे में कम से कम एक महिला सदस्य को जगह मिलना तय है. पूर्व मंत्री लेसी सिंह या रंजू गीता को जदयू कोटे से मंत्री बना दिया जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए. कांग्रेस छोड़कर जदयू में शामिल हुए अशोक चौधरी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय है. उनको बैलेंस करने के लिए श्याम रजक को भी मंत्री बनाया जा सकता है.