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नीतीश के इस मंत्री ने कहा भूख से दो क्यों परिवार के और लोगों की हो जाती

बिहार के बक्सर में दो बच्चों की ‘भूख से मौत’ की खबर बिहार में नीतीश सरकार की नाकामियों के खिलाफ आग की तरह फ़ैल रही है. इस पर नीतीश के मंत्री का शर्मनाक बयान आया है जिसकी आलोचना हम आप क्या जो सुनेगा वही करेगा. News18 से बात करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि अगर दो बच्चों की मौत भूख से हुई है तो ये आंकड़ा 20 भी हो सकता था या फिर परिवार के दूसरे लोगों की मौत भूख से होती? मैंने स्थानीय ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर से बात की है और उनके पास मेडिकल रिपोर्ट है. बच्चों की मौत भूख से नहीं हुई है.

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घटना बक्सर जिले के कोरानसराय की एक बस्ती का है. मृतक बच्चों की मां धन्ना देवी कहना है कि दोनों की मौत भूख से हुई है. दो महीने पहले उसके पति को सड़क जाम के आरोप में जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद घर की माली हालत खराब हो गई. पति के जेल जाने के बाद घर में बच्चों को खिलाने के लिए कुछ भी नहीं बचा था और इसी कारण उसके दो वर्षीय बेटे गोविंदा और पांच साल की ऐश्वर्या की मौत 26 अगस्त और एक सितंबर को हो गई, लेकिन मामले का खुलासा मौत के एक सप्ताह बाद हुआ.

मृतक बच्चों की मान ने अपने बाकी दो जीवित बच्चों की मदद के लिए गुहार लगाई है. इधर अब अधिकारीयों की नींद खुली है और आनन-फानन में इलाके के पीडीएस के डीलर ने आनन फानन में 20 KG चावल, 20 KG गेहूं पीड़ित परिवार के घर भिजवाया है. लेकिन मरने के बाद इस तरह की हरके से बस हंसी आती है. पहले कहाँ थे ये अधिकारी और कर्मचारी.

मामले में डूमरांव के एसडीओ हरेंद्र राम ने कि दोनों बच्चे किसी बीमारी से पीड़ित थे और उनके पास परिवार के डॉक्टर से मिलने के सबूत है. हरेंद्र राम का कहना है कि किसी स्थानीय के कहने पर महिला बच्चों की मौत का कारण भूख बता रही है.

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