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बिहार चुनाव में वर्चुअल कैम्पेन ही नहीं बल्कि एक्चुअल कम्पैन भी होंगे- मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में चुनाव आयोग की टीम ने बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर तीन दिनों तक कई बैठके की। बिहार के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर राजनीति दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोग की टीम ने बैठक की। गुरूवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना ने माहौल को बदल दिया है। यह चुनाव आसान नहीं है , बिहार के होम सेकेट्री सहित कई वरीय अधिकारी कोरोना संक्रमण के शिकार हुए कई अधिकारी अभी भी कोरोना से जुझ रहे है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि आयोग ने राज्यसभा का चुनाव कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए बहुत सफलतापूर्वक कराया है। बिहार का चुनाव आयोग के लिए एक चुनौती है। कोरोना की वजह से ही चुनाव में बुथों की संख्या बढ़ा दी गई है। 2015 में 65333 पोलिंग सेशन थी जो अब बढ़कर 106526 हो गई है। सभी बुथों पर कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो किया जाएगा।

उन्होने चुनावी रैली को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी मीडिया को दी, सुनील अरोड़ा ने कहा कि राजनीति दल चुनावी रैली कर सकेंगे लेकिन इसमें कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करना होगा। इसके लिए बिहार निर्वाचन पदाधिकारी अधिकृत है जो संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अनुमति के बाद रैली करने की स्वीकृति देंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान कई परीक्षाएं हुई है आज हम आप भी प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से एक दूसरे से इंट्रैक्ट हो रहे है।

इसलिए वर्चुअल रैली के साथ मैदानों में भी सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करते हुए रैली की इजाजत दी जा सकती है। राजनीतिक दलों से मिले सुझावों के बारे में भी उन्होने मीडिया को जानकारी दी। राजनीतिक दलों ने कमजोर वर्ग के वोटरों के इलाके में विशेष सुरक्षा की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। उन्होने कहा कि किसी मतदान कर्मी को अगर कुछ हो गया तो आयोग 30 लाख रूपये मुआवजा देंगे।