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पंचायत चुनाव: हर EVM का होगा आईडी नंबर, DM और आयोग करेंगे निगरानी!

पंचायत चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की ओर से तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ईवीएम की जांच, ट्रैक करने और स्कैनिंग के भी उपाय किए जा रहे हैं। प्रत्येक ईवीएम का अपना आईडी नंबर होगा, जिससे जानकारी मिल जाएगी कि कौन-सी ईवीएम किस प्रखंड और किस बूथ पर इस्तेमाल की जा रही है।

आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच करा लें। अधिकतम मतदान केंद्र वाले प्रखंडों में ईवीएम को दो भागों में रखा जाएगा। पहला ए सेट तथा दूसरा बी। बॉक्स में रखे सभी ईवीएम की आईडी संख्या ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम (ईएमएस) के माध्यम से ट्रैक भी की जाएगी।

 

ए सेट की ईवीएम को जिस प्रखंड में अधिक मतदान केद्र हैं, वहां भेजा जाएगा। इस व्यवस्था की जिलाधिकारी और आयोग दोनों निगरानी करेंगे। पंचायत चुनाव समाप्त होने या मतगणना समाप्त होने के बाद ईवीएम कंट्रोल यूनिट के डेटा को डिलीट कर दिया जाएगा तथा संबंधित राज्य या जिले को लौटा दिया जाएगा।

केरल से पटना 13 हजार से अधिक ईवीएम मंगाई गई है, जिसे नौबतपुर और बाढ़ में रखा गया है। ईवीएम का इंजीनियरों द्वारा सत्यापन कर लिया गया है। पटना जिले में 4704 मतदान केंद्र हैं जिसमें 4354 मूल मतदान केंद्र तथा 350 सहायक मतदान केंद्र है। मतदान कराने के लिए कुल 13 हजार 963 ईवीएम मंगाई गई है, जिसमें बैलेट यूनिट की संख्या 7953 तथा कमांड यूनिट की संख्या 6010 है। ईवीएम को भौतिक सत्यापन करने के बाद उसे मतदान केंद्रों के लिए भेजा जाएगा।