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जन्म जात विद्रोही है पप्पू यादव

पटना. जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की पुस्त क ‘जेल’ का लोकार्पण आज बापू सभागार में किया गया. कैदियों की यातना, प्रताड़ना और लेखक के खुद के अनुभवों का दस्ताावेज इस पुस्तपक का लोकार्पण कांग्रेस की सांसद रंजीत रंजन, सामाजिक कार्यकर्ता स्वादमी अग्निवेश, पत्रकार दिलीप मंडल व अर्चना राजहंस मधुकर और पार्टी के वरिष्ठस नेताओं ने संयुक्ता रूप से किया गया.

लोकार्पण समारोह के मौके पर संकल्पव और आजादी अभियान की शुरुआत करते हुए सांसद पप्पूा यादव ने कहा कि बिहार बदलाव की भूमि रही है. बदलाव की शुरुआत बिहार से ही हुई है. जन अधिकार पार्टी (लो) संकल्प और आजादी अभियान के साथ बदलाव की शुरुआत कर रही है. उन्होंहने कहा कि आयोजन में उपस्थित सभी लोग बदलाव की अपेक्षा से आएं हैं और पार्टी उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी. श्री यादव ने जेल में व्यासप्ता अराजकता में सुधार का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी सरकार में आती है तो सामान्यग और संगीन किस्मं के अपराध के आरोपियों के लिए अलग-अलग जेल बनायी जाएगी. सबको समय पर न्या य मिले, यही प्राथमिकता होगी. उन्हों ने कहा कि उनकी पार्टी बालश्रम मुक्तअ बिहार बनाएगी और 14 वर्ष के कम उम्र के बच्चोंम को मजदूरी नहीं करने दिया जाएगा. बाल कैदियों के लिए पढ़ने और रहने की बेहतर व्यरवस्था की जाएगी.

सांसद श्री यादव ने समाज में बढ़ते जातीय व धार्मिक उन्मा.द पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उन्माीद को राजनीति में स्थारपित होने के लिए माध्य्म के रूप में इस्तेनमाल किया जा रहा है. पार्टी की सरकार बनी तो उन्मादद फैलाने वालों को सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा. उन्होंमने कहा कि जिनका कोई इतिहास नहीं है, वे इतिहास बदलने की बात कर रहे हैं. जिन्नाि की चर्चा करते हुए श्री यादव ने कहा कि मुसलमानों के नाम पर दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग में आ रही जागृति को समाप्तच करने की कोशिश की जा रही है. उन्हों ने कहा कि पार्टी राजनीतिक, आर्थिक और शैक्षणिक गैरबराबरी को समाप्त करने की पक्षधर है.

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सांसद रंजीत रंजन ने किताब में कैदियों की प्रताड़ना की चर्चा करते हुए कहा कि देश का कोई भी कानून जेल में अमानवीय व्य वहार का अधिकार नहीं देता है. इसके बावजूद जेलों में कैदियों के साथ दुर्व्य वहार और अमानवीय व्यनवहार होता है. सांसद पप्पूी यादव की चर्चा करते हुए रंजीत रंजन ने कहा कि वे अपनी निराशा से निकलकर आगे की ओर देखते रहे हैं. खुद से अधिक दूसरे की चिंता करते रहे हैं. श्रीमती रंजन ने कहा कि हर व्यकक्ति को समाज और व्यदवस्थाख को बदलने में भागीदार बनना चाहिए.

सामाजिक कार्यकर्ता स्वालमी अग्निवेश ने सांसद पप्पूी यादव के संघर्षों की चर्चा करते हुए कहा कि वे जन्मथजात विद्रोही हैं. पुस्तरक की चर्चा करते हुए उन्होंीने कहा कि यह पुस्तमक चुनौतियों से लड़ने की ताकत देती है. व्यीवस्थाल बदलने की प्रेरणा देती है. श्री अग्निवेश ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर राज्यंभर सरकार के संरक्षण में साप्रदायिक दंगे कराये गये. उन्होंीने कहा कि सरकार प्रायोजित दंगा सुशासन है तो कुशासन किसे कहते हैं.

वरिष्ठन पत्रंकार दिलीप मंडल ने कहा कि देश में लोकतंत्र और लोकतांत्रित संस्थाणएं खतरे में हैं. व्यकवस्थाल से लोगों की उम्मीठद टूटने लगी है. विश्वा स उठने लगा है. उन्होंंने कहा कि ‘जेल’ नामक इस पुस्त क में जेल के सामाजिक व राजनीतिक बनावट को समझने का प्रयास किया गया है. एक कैदी के सामाजिक और पारिवारिक जीवन के अंतर्द्वंद्व को भी आसानी से समझा जा सकता है. वरिष्ठग पत्रकार अर्चना राजहंस मधुकर ने कहा कि सामाजिक सच्चाकईयों को समझने में यह पुस्ताक मददगार होगी.

कार्यक्रम में अति‍‍थियों का स्वायगत प्रदेश अध्य क्ष अखलाक अहमद किया, जबकि मंच का संचालन राष्ट्रीकय महासचिव राघवेंद्र सिंह कुशवाहा ने किया. इस मौके पर अजय बुलगानीन, रघुपति प्रसाद सिंह, प्रेमचंद सिंह, राजेश रंजन पप्पूघ, एजाज अहमद, मंजयलाल राय, सुरेंद्र सिंह यादव, फजील अहमद, ललित शर्मा, अली अकबर परवेज, नागेंद्र सिंह त्या गी, अवधेश कुमार लालू, टीका खान, चक्रपाणि हिमांशु, गौतम आनंद आदि मौजूद थे.


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