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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए इसबार नहीं पहुंच पाएंगे पप्पू यादव ,जाप कार्यकर्ताओं ने की रिहाई की मांग

मधेपुरा के पूर्व सांसद सह जाप संरक्षक सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बिना अनुमति धरना प्रदर्शन किए जाने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में बेल मिल गई है. लेकिन वे अभी भी जेल में बंद रहेंगे.उनकी रिहाई को लेकर जाप कार्यकर्ता एक और जहां धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. तो दूसरी ओर बाढ़ पीड़ितों को भी पप्पू यादव का इंतजार है.वही पप्पू यादव जो कभी रेलवे ट्रैक पर बुलेट पार करा बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचते थे, तो कभी खुद बाढ़ के पानी में उतर कर.

यूं तो पप्पू यादव का नाम बिहार के बाहुबलियों की लिस्ट में आता है.शायद अपनी इसी छवि को सुधारने के लिए पिछले कई सालों से पप्पू यादव जनता के बीच मदद करने पहुंचते रहे हैं.राजधानी पटना में जलभराव का समय हो या फिर कोरोना लॉकडाउन में घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों की मदद और उसके बाद कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन सिलेंडर से लेकर पीड़ितों की हर संभव मदद की बात, पप्पू यादव हर एक मुद्दे पर खड़े दिखाई देते रहे और सरकार को घेरते नजर आए.

पिछले सालों से वो बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते दिखाई दिए, यहां उन्होंने जहां एक ओर राशन सामग्री वितरित की तो लोगों की आर्थिक मदद भी की.जाप संरक्षक सरकार को हर एक मुद्दे पर घेरने का काम भी बखूबी करते रहे हैं.अपने ऊपर लगे आरोपों को भी निराधार बताते रहे हैं. लेकिन अपहरण के एक 32 साल पुराने मामले ने उन्हें जेल पहुंचा दिया.

उनपर वर्ष 1989 के दौरान सूचक शैलेंद्र यादव ने मुरलीगंज थाना में राम कुमार यादव तथा उमाशंकर यादव के अपहरण किए जाने का मामला दर्ज करवाया था.इस मामले में पटना पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर मधेपुरा पुलिस को सौंपा था.पटना में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर भी पप्पू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.पूर्व सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद से जाप कार्यकर्ता लगातार उन्हें रिहा करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं.

जनअधिकार युवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राजू दानवीर ने कहा कि हम पप्पू यादव की रिहाई की मांग करते हैं.उन्हें गलत आरोपों के चलते फंसाया गया है.इतने पुराने मामले में उनको दोषी ठहराया गया.ये राजनीतिक षड्यंत्र के तहत हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि हमारी नेता की गैरमौजूदगी में भी बाढ़ पीड़ितों और अन्य जरूरतमंदों की सेवा और मदद का कार्य लगातार जारी है.हां पप्पू यादव के मार्गदर्शन में कार्य करने की बात ही अलग होती है.वे रहते हैं दो ऊर्जा दोगुनी हो जाती है.फिलहाल, सेवादल के लोग लगातार मदद के लिए कदम बढ़ा रहे हैं.

इधर मंगलवार को पूर्णिया में पांच सूत्री मांगों को लेकर जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही.इस दौरान केंद्र सरकार पर ओबीसी आरक्षण समाप्त करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया.भूख हड़ताल का नेतृत्व पार्टी के जिलाध्यक्ष बबलू भगत ने किया. बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने, बाढ़ पीड़ितों को समुचित मदद देने, ओबीसी आरक्षण जारी रखने, सरकारी संस्थाओं के निजीकरण पर रोक और पूर्व सांसद पप्पू यादव की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर 48 घंटे का भूख हड़ताल की गई.

जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश में आजादी के बाद पहली बार ऐसी कमरतोड़ महंगाई आई है. स्थिति यह है कि मध्यवर्गीय लोग भी दो वक्त की रोटी को तरस रहे हैं ,लेकिन सरकार को इसकी कोई फर्क नहीं है. जिले समेत पूरे सूबे में बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं ,लेकिन राहत कार्य केवल कागजों तक सीमित है.वक्ताओं ने पूर्व सांसद व पार्टी संरक्षक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की रिहाई की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई.जाप युवा परिषद के प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता राजेश यादव ने कहा कि आरएसएस के एजेंडे को मूर्त रूप दे रही है.केंद्र सरकार ओबीसी आरक्षण को साजिश के तहत समाप्त करने पर तुली हुई है. इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नही किया जाएगा.

राजेश यादव ने कहा कि जाप संरक्षक पप्पू यादव को एक ऐसे मुकदमे में दो माह से बंदी बनाकर रखा गया है, जिसकी की कोई कानूनी अहमियत नहीं हैं.उनके बिना शर्त रिहाई होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.इस मौके पर प्रदेश सचिव जियाउल हक, अनिरुद्ध यादव, हाजी अब्दुल सत्तार, दुर्गा यादव, सुड्डू यादव, करन यादव, संजय विश्वास, सुमित यादव, अनिल महलदार, अरूण यादव, शंकर कुमार के साथ-साथ जाप के पूर्णिया जिला प्रभारी वकील दास, छैला यादव, करन कुमार व सयूब आलम शामिल रहे.