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रेलवे की ऑनलाइन परीक्षा सेंटर्स पड़ा हैदराबाद और मुंबई, पप्पू यादव ने उठाया डिजिटल इंडिया पर सवाल


रेलवे ने नौ अगस्त से असिस्टेंट लोको पायलट और तकनीशियनों की भर्ती के लिये परीक्षा लेने जा रहा है. इसके लिए रेलवे ने इन पदों की यह परीक्षा पहली बार कंप्यूटर आधारित होगी. लेकिन ऑनलाइन परीक्षा होने के बावजूद परीक्षा का सेंटर मद्रास, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई जैसे जगहों पर भेज दिया गया है. इसे लेकर जाप संयोजक सह सांसद पप्पू यादव ने ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी के डीजीटल इंडिया पर सवाल खड़ा किया है. साथ ही रेल मंत्री से सवाल भी किया है.

सांसद पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा है कि “#रेल_भर्ती_परीक्षा में बिहार और हिन्दी भाषी प्रदेश के लाखों परीक्षार्थियों को 2000KM दूर परीक्षा केंद्र देना घोर जुल्म है. DigitalIndia में डिजिटल एग्जाम इतना दूर? @narendramodi जी, @PiyushGoyal जी युवाओं से आपका क्या बैर है? @RailMinIndia जवाब दीजिये. अन्यथा,भीषण संघर्ष तय है.”


दरअसल, रेलवे ने असिस्टेंट लोको पायलट और तकनीशियन की नियुक्ति के लिये 26 हजार 500 रिक्तियां निकाली हैं. जिसके लिये 47 लाख से ज्यादा आवेदकों ने आवेदन किया है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले कई छात्रों ने बताया कि उनका सेंटर मध्यप्रदेश, गुजरात, हैदराबाद, कर्नाटक जैसे शहरों में दिया गया है जबकि ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन अभ्यर्थियों के गृह राज्य के ही बड़े शहरों में ही होना चाहिये.

इस मामले को लेकर छात्र संगठनों में भी खासी नाराजगी है. वहीं, छात्र राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक रंजन ने बताया कि ये परीक्षा नहीं बल्कि छात्रों के करियर से खिलवाड़ है. आलोक रंजन ने कहा कि रेलवे द्वारा आयोजित परीक्षा में जिस तरह से बिहार के छात्रों का परीक्षा केंद्र लगभग 1500 से 2000 किलोमीटर भेजा गया है उससे यह साफ़ प्रदर्शित होता है कि केंद्र सरकार पूरी तरह से छात्र एवं युवा विरोधी सरकार है.