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हाल शेखपुरा का आरटीपीएस का एक प्रमाणपत्र के लिए आरटीपीएस कर्मी कराते हैं तीन तीन बार ऑन लाईन आवेदन

डीबीएन न्यूज/शेखपुरा,नितीश कुमार

शेखपुरा जिला के शेखपुरा अंचल में स्थित आरटीपीएस केंद्र में इन दिनों कर्मियों की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है कि इसका अंदाजा भी लगाना मुश्किल हो रहा है.एक प्रमाणपत्र के लिए आरटीपीएस कर्मी आवेदकों को तीन बार तक ऑनलाइन आवेदन कराने के बाद भी प्रमाण पत्र देने में आना कानी कर रहे हैं.आरटीपीएस कर्मियों की इस रवैये से विशेष कार्यो के लिए जाति आवासीय आय प्रमाणपत्र बनबाने वाले आवेदकों को कई बार आरटीपीएस का चक्कर काट काट कर जुते घिसने पड़ रहे हैं.इस वावत पुरैना गाँव निवासी रामाधीन यादव ने बताया कि उसका बेटा रणवीर कुमार है. जो कि मैट्रिक पास किया है और उसे कॉलेज में नामांकन करवाना है.जिसके लिए उसने जाती आवासीय आय प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 जुलाई को किया.पर आवेदन लेन जाने पर आरटीपीएस कर्मियों ने उसे यह कहकर बैरन वापस भेज दिया कि उसका कागजात ही खो गया इसलिए वह पुनः फिर से ऑनलाइन आवेदन कर.तब उसने पुनः 23 जुलाई को दुबारा आवेदन किया.परन्तु फिर आरटीपीएस कर्मियों ने कागजात खोने कि बात कह लौताते हुए फिर से आवेदक से ऑनलाइन आवेदन तीसरा बार करवाया .

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जब आवेदक तीसरा बार ऑनलाइन आवेदन देने के कई दिन बाद 16 अगस्त को प्रमाणपत्र लेने आरटीपीएस पहुंच तो फिर आरटीपीएस कर्मियों ने प्रमाणपत्र नही बनने की बात कह बैरन वापस लौटा दिया.और जब इस बात की जानकारी मीडिया कर्मियों को लगी तो मिडिया कर्मियों द्वारा पूछे जाने के बाद आरटीपीएस कर्मियों ने तुरंत ही आवेदक को प्रमाणपत्र दे दिया.इसी से समझा जा सकता है कि आखिर यहां के आरटीपीएस में हो क्या रहा है.या कोई बड़ी खेल हो रही है.जिसके कारण आवेदकों को प्रमाणपत्र के लिए घूम घूम कर जूते घिसने पड़ रहे है.इस वावत शेखपुरा के सीओ रविशंकर पाण्डेय ने पूछे जाने पर बताया कि कर्मियों का ट्रांसफर होने के कारण कुछ कागजात नही मिल रहे थे.इस लिए परेशानीओंका सामना कर्मियों को करना पड़ रहा है.उस आवेदक की परेशानियों की जानकारियां मिलते ही उसे प्रमाणपत्र तैयार कर दे दिया गया है.


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