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इस विजयादशमी गांधी मैदान में नहीं जलेगा रावण का पुतला,जाने कहा होगा रावण वध कार्यक्रम

बिहार सहित देश भर में दुर्गा पूजा की धूम है. मंदिरों से लेकर पंडालों तक में मां दुर्गा की प्रतिमा बिठाई और सजाई जा रही है जिसका दर्शन करने के लिए भक्त पट खुलने का इंतजार कर रहे हैं. दुर्गा पूजा का एक बड़ा आकर्षण विजयादशमी के दिन रावण वध का कार्यक्रम होता है.हर साल पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा कमिटी के तरफ से इसका आयोजन होता है.लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से यह आयोजित नहीं किया जा रहा है. हालांकि दशहरा कमिटी जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कोविड नियमों का पालन करते हुए रावण वध कार्यक्रम का आयोजन कर रही है.

दशहरा कमिटी के आयोजक कमल नोपानी ने बताया कि कोविड 19 की वजह से गांधी मैदान में रावण वध का कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा.लेकिन पटनावासी निराश न हों, हम लोगों ने इसकी व्यवस्था इस बार भी की है. इस बार रावण वध कार्यक्रम का आयोजन कालिदास रंगालय में किया जाएगा जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है. हालांकि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का आकार कम कर दिया गया है.

नोपानी ने बताया कि गांधी मैदान में जब रावण वध का आयोजन होता था तब रावण का पुतला लगभग 90 फीट का होता था, कुंभकर्ण 80 फीट और मेघनाद 70 फीट ऊंचा बनाया जाता था.लेकिन इस बार रावण वध का कार्यक्रम कालिदास रंगालय के छोटे से मैदान में हो रहा है जहां दर्शकों को जाने की इजाजत नहीं होगी. सिर्फ दशहरा कमिटी के लोग और कलाकार रहेंगे इसलिए पुतलों का साइज छोटा कर दिया गया है.

इस वर्ष पुतला बनाने वाले बिहारी कलाकारों ने रावण का पुतला 15 फीट, कुंभकर्ण 13 फीट और मेघनाद का 12 फीट ऊंचा पुतला बनाया है. इसके अलावा अलग से कोरोना वायरस का पुतला बनाया गया है जिसका साइज 10 फीट का है. इन सभी पुतलों का दहन विजयादशमी के दिन होगा.

जाहिर है इस वर्ष जब रावण वध कार्यक्रम गांधी मैदान में नहीं हो रहा है, तो दर्शक इसका नजारा देख सकें इसके लिए खास व्यवस्था की गई है. दशहरा कमिटी दर्शकों को घर बैठे रावण वध का कार्यक्रम दिखाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेगा जिसकी सूचना जल्द जारी की जाएगी. कमिटी ने यह भी जानकारी दी है कि कालिदास रंगालय के हॉल में रामलीला का आयोजन भी होगा. यहां रामलीला देखने के लिए मात्र 150 पास बांटे जाएंगे.