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कैंब्रिज डेटा लीक मामले में नए खुलासे से JDU मुसीबत में! बढ़ा सियासी पारा….

Bihar-CM-Nitish-Kumar-with-KC-Tyagi

file photo


न्यूज़ डेस्क: कैंब्रिज एनालिटिका डेटा लीक विवाद ने अब बिहार की सियासत में इंट्री ले लिया है. इसकी आंच सूबे के सत्ताधारी दल तक पहुँच गया है. इस कंपनी के पूर्व कर्मचारी क्रिस्‍टोफर वाइली ने कहा है कि कंपनी का भारत से संबंध रहा है और उसने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के लिए को भी काम किया था.

पूर्व कर्मचारी क्रिस्‍टोफर वाइली की माने तो कैंब्रिज एनालिटिका के मातृ संगठन एससीएल समूह का मुख्यालय गाजियाबाद में है जबकि बिहार में इसका क्षेत्रीय कार्यालय राजधानी पटना में अवस्थित है. वाइली के इन आरोपों पर सूबे की सियासी पारा चढ़ गया है. गौरतलब है कि फेसबुक डेटा लीक मामले के व्हिसिलब्‍लोअर व कंपनी के पूर्व कर्मचारी क्रिस्टोफर वायली ने अपने खुलासों से भारत की राजनीति में उबाल तो लाया ही अब इसका दायरा बिहार तक पहुँच गया है इस खुलासे से सूबे के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू भी जद में आ गई है. हालांकि पार्टी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

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वाइली ने अपने ट्वीट कहा है कि उनके पास भारतीय पत्रकारों की तरफ से मेरे पास ढेर सारे अनुरोध आ रहे हैं, इसलिए वे भारत में एससीएल की कुछ पिछली परियोजनाओं की जानकारी दे रहे हैं. उन्होएँ इस संदर्भ में लिखा है कि एससीएल व कैंब्रिज एनालिटिका भारत में काम करने और उनके कार्यालय के बारे में बताया है. वाइली के दावों के मुताबिक जदयू ने 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी अनुसंधान और रणनीति मुहैया कराने के लिए एससीएल इंडिया को कहा था. इसके लिए एससीएल ने अपने ग्राहकों के लिए 75 प्रतिशत घरों को लक्ष्य करके व्यवहारिक अध्ययन कार्यक्रम चलाया. इस अध्ययन से न सिर्फ सही चुनाव क्षेत्र की पहचान की गई, बल्कि सही श्रोता, संदेश और सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में सही जातियों को लक्षित कर अभियान चलाने में सहायता मिली.

वाइली ने एससीएल इंडिया की पिच प्रजेंटेशन से संबंधित दो तस्‍वीरें दी हैं, जिनसे पता चलता है कि कैंब्रिज एनाजिटिका के पास भारत के 600 जिलों के सात लाख से अधिक गांवों का डाटाबेस है. उसकी सेवाएं ग्राहकों को आबादी के भीतर महत्वपूर्ण समूहों की पहचान करने और उन्हें लक्षित करने में मदद करती हैं, ताकि वांछित नतीजे पाने के लिए उनका इस्‍तेमाल किया जा सके. वायली के खुलासों ने बिहार की सियासत में नया भूचाल ला दिया है विपक्षी पार्टी राजद ने निशाने पर लिया है. प्रवक्ता राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि अब तो यह स्‍पष्‍ट हो चुका है कि चुनाव लड़ी नहीं, मैनेज किए जा रहे हैं. इससे प्रजातंत्र खतरे में है.

गौरतलब है कि इस मामले में पार्टी महासचिव सह राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता केसी त्यागी के बेटे का सम्बन्ध होने की बात कही गई है. जिस पर सफाई दिया है. केसी त्यागी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव के लिए डेटा के इस्तेमाल में विश्वास नहीं करती है. उन्होंने कहा है कि जनता दल यूनाईटेड वैसे ही लड़ता है, जैसे लड़ना चाहिए कैंब्रिज एनालिटिका से बेटे के सम्बन्ध होने के मामले में उन्होंने कहा है कि अगर मेरा बेटा जांच में दोषी मिले तो उसपर भी कार्रवाई होनी चाहिए.

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