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नीरज कुमार को RJD ने बताया ‘महामूर्ख’ तो भड़के JDU नेता, कहा-चरवाहा विद्यालय वाले हमें देंगे ज्ञान

तेजस्वी यादव के नोट बांटने के वायरल वीडियो पर विवाद जारी है. शुक्रवार को वायरल वीडियो मामले में जेडीयू नेता नीरज कुमार ने निर्वाचन आयोग से तेजस्वी पर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद आरजेडी (RJD) ने उन्हें महामूर्ख बताया था. अब नीरज कुमार ने आरजेडी के वार पर पलटवार किया है. नीरज कुमार ने शनिवार को कहा, ” चरवाहा विद्यालय से ज्ञान प्राप्त करने वाले हमको ज्ञान की चुनौती दे रहे हैं. गौरवशाली नालंदा विश्वविद्यालय का पूर्णरूथान नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुआ है.”

जेडीयू नेता ने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा, ” राजनीतिक जमात के मुखिया बने बैठे धारा 420 के आरोपी आदर्श आचार संहिता-2021 का खण्ड-क पढ़ लें. पूरे बिहार में जहां पंचायती राज का प्रक्षेत्र है, वहां केवल चुनाव की अधिसूचना ही नहीं बल्कि चुनाव परिणाम जब तक घोषित नहीं होता तब तक आचार संहिता प्रभावी है.”

नीरज कुमार ने कहा, ” अगर इन्हें तो दानवीर बनना है तो गोपालगंज में जो नौकरी के नाम पर उनके पिता ने जमीन लिखवाया है, उसे वो वहां समाज के बीच दान कर दें. जमीन तेजस्वी यादव के ही नाम से ही नहीं बल्कि उनके उप नाम तरुण यादव के नाम से भी है, जिसका दाखिल खारिज भी नहीं करवाया गया है. ना रसीद कटवाया है. उन्हें क्यों नहीं दान कर देते हैं?”

पूर्व मंत्री ने कहा, “तेजस्वी ने गुनाह किया है. लोगों के बीच चंद पैसे देकर. बिहार की जनता को उन्होंने याचक समझ लिया है. लेकिन यहां की जनता याचक नहीं है, वो अपना हक लेती है. ऐसे में उनके मां-पिता ने जो हकमारी की है, वो उसे लौटा दें. साथ ही विपक्ष के नेता हैं, तो ज्ञान देने से पहले जो कानून ने उनके चेहरे पर बदनुमा दाग लगा दिया है, कम से कम उसका अवलोकन कर लें.”

मालूम हो कि जेडीयू द्वारा तेजस्वी पर निशाना साधे जाने के बाद आरजेडी बचाव में उतरी थी. पार्टी ने कहा था, ” नीतीश कुमार, आपने कैसे महाअज्ञानी, महामूर्ख लोगों को नियोजन पर प्रवक्ता रखा है, जिन्हें इस बात की जानकारी नहीं कि पंचायत चुनाव आचार संहिता किस पर और कब से लागू होती है? सर्वविदित है ये लोग JDU की वस्तु-विनिमय संस्कृति के उत्पाद है।कृपया इन उत्पादों को अपने तक सीमित रखे.