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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष पथ निर्माण विभाग ने दिया प्रस्तुतिकरण

रिपोर्ट :- के के श्रवन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पथ निर्माण विभाग की महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गयी। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने अपने प्रस्तुतीकरण में कारगिल चैक से अषोक राजपथ होते हुये पटना मेडिकल काॅलेज एण्ड हाॅस्पिटल, कृष्णा घाट एवं एन0आई0टी0 तक 4 लेन एलिवेटेड पथ की निर्माण की सहमति प्रदान की गयी। यह 4 लेन चैड़ा पथ होगा, जिसमें 4 लेन ग्राउंड पर और 4 लेन एलिवेटेड होगा। इस एलिवेटेड पथ से पटना मेडिकल काॅलेज एण्ड हाॅस्पिटल में आने और जाने की सुविधा प्रदान की जायेगी। साथ ही कृष्णा घाट पर इसकी सम्पर्कता गंगा पथ से प्रदान की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 315 करोड़ रूपये होगी समीक्षा के क्रम में, गया शहर में फल्गु नदी पर विष्णुपद मंदिर से सीता कुण्ड तक लक्ष्मण झुला के निर्माण की डिजाईन पर स्वीकृति प्रदान की गई। पुल निर्माण निगम द्वारा इसका डी0पी0आर0 बनाया गया है। इसके निर्माण पर लगभग 60 करोड़ रूपये की लागत आएगी। समीक्षा में जे0पी0 सेतु के बगल में दीघा से नया गाँव तक नयी फोर लेन पुल के एलाइनमेंट पर चर्चा की हुयी और डी0पी0आर0 को अंतिम रूप प्रदान करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा बैठक में, चिरैयांटाँड़ पुल, कंकडबाग आदि क्षेत्रों में यातायात की सुगमता के लिये एलिवेटेड पथ निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा की गई और अतिरिक्त आवष्यकता पर बल दिया गया। समीक्षा में लोहिया पथ चक्र की प्रगति में और तेजी लाने की आवष्यकता पर बल दिया गया। यह भी निर्देष दिया गया कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव लोहिया पथ चक्र स्थल का भ्रमण करके निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करेंगे। बैठक में एम्स-दीघा एलिवेटेड रोड, कच्ची दरगाह विषुनपुर 6-लेन पुल, गंगा पथ परियोजना, बख्तियारपुर-ताजपुर पुल, आर0 ब्लाॅक-दीघा पथ एवं बिहटा-सरमेरा पथ की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी योजनाओं में अत्याधिक तेजी से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए भविष्य में भी आवागमन में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसके लिए सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनका चैड़ीकरण एवं कई फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य के किसी कोने से भी पटना 5 घंटे में पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। शहर में ट्रैफिक स्मुथ हो और लोगों की आवाजाही आसान हो इसलिए एलिवेटेड पुलों का भी निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अशोक राजपथ पर बनने वाले फ्लाई ओवर से पी0एम0सी0एच0 और पटना यूनिवर्सिटी के साथ-साथ अशोक राजपथ पर और उससे आगे जाने वाले पूर्वी इलाकों के लोगों को काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि गया के विष्णुपद मंदिर से सीता कुंड तक बनने वाले ब्रिज से यहां आने वाले भक्तों और आम जनता को भी काफी सुविधा होगी। इस ब्रिज पर किसी भी तरह के वाहन के परिचालन पर रोक रहेगी और यह सिर्फ पैदल पथ होगा। पटना में गंगा नदी पर जे0पी0 सेतु के समानान्तर पुल से भी लोगों को काफी सहुलियत होगी। बाहर से पटना के पश्चिमी इलाके में आने जाने वाले लोगों के लिए भी यह पुल सुविधाजनक होगा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए चिरैंयाटाड़ पुल से कंकड़बाग कॉलोनी के लिए एलिवेटेड पुल का निर्माण भी उपयोगी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर ब्लॉक से दीघा के लिए नए पथ का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राममनोहर लोहिया पथ चक्र के निर्माण का कॉन्सेप्ट अपने आप में विशिष्ट है। इसका स्ट्रक्चर खास है, जो देश में अपनी तरह का एक विशिष्ट पथ चक्र होगा। इसके निर्माण से ट्रैफिक व्यवस्था और आसान होगी। जो भी निर्माण कार्य हो रहे हंै उनका जमीनी स्तर पर मुआयना करते रहें। निर्माण कार्य में इस बात पर ध्यान देने की जरुरत है कि वो तकनीकी तौर पर बेहतर हों और लोगों के लिए अधिक से अधिक उपयोगी हों। प्रस्तुतीकरण के दौरान पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जितेंद्र श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।