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दंगा के बाद अब आरटीआई कार्यकर्त्ता की हत्या, थानाध्यक्ष पर मरवाने का आरोप

बिहार में जिस तरह इस रामनवमी दंगा और उत्पात हुआ हालिया एक दशक में नहीं देखा गया था. अब एक वैशाली जिले के हाजीपुर में आरटीआइ कार्यकर्ता जो पुलिस और नेताओं के विरुद्ध काम कर रहे थे उसे गोलियों से भुन दिया गया. वैशाली के गोरौल के निवासी जयंत कुमार उर्फ हफिया (25) की बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई.

मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप पूर्व थानाध्यक्ष पर लगाया है. बुधवार को गोरौल थाने से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान पर जयंत दोपहर में चाय पी रहे थे. तभी बाइक सवार चार अपराधियों ने उन्हेंं घेरा और गोली मार दी.

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बता दें कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई जांच आगे नहीं बढाई है न ही अभी तक आपराधियों की गिरफ़्तारी हुई है. जयंत के भाई प्रेम रंजन ङ्क्षसह एवं चाचा विभाशंकर ङ्क्षसह ने महुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को बताया कि उनकी हत्या गोरौल के एक पूर्व थानाध्यक्ष ने कराई है. जयंत की मां सावित्री देवी गोरौल प्रखंड की इनायतनगर पंचायत समिति की सदस्य हैं.

वह हाल के वर्षों में आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में सक्रिय हो गए थे. उन्होंने कई पुलिसकर्मियों, नेताओं और पदाधिकारियों के विरुद्ध आरटीआइ के तहत सूचना मांगी थी. कई पुलिसकर्मी, पदाधिकारी एवं नेता उनसे नाराज चल रहे थे. हाल ही में जयंत ने एक नेता के भाई के विरुद्ध भी आरटीआइ डाली थी. एसपी राकेश कुमार ने कहा कि उन्होंने विभिन्न विभागों में आरटीआइ से सूचना मांगी थी. फिलहाल सभी बिन्दुओं पर जांच चल रही है.

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