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मोटरसाईकिल सवार उच्चकों ने डिक्की तोड़ 1 लाख 20 उड़ाई

BANK-LOOT
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रिप्रेजेंटेटिव फोटो


बैंक से रूपये निकालकर घर वापस जाने के क्रम में रानीबाग बाजार के समीप घटी घटना

ब्रजेश भारती – सिमरी बख्तियारपुर,सहरसा,

सहरसा जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत स्थित रानीबाग मुख्य बाजार में गुरूवार दोपहर तीन मोटरसाईकिल पर सवार चार उच्चकों ने रानीबाग बाजार में लगे जाम का फायदा उठा कर सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के भटौनी गांव निवासी मो अबू जफर के मोटरसाईकिल के डिक्की में रखे 1 लाख 20 हजार रूपये डिक्की तोड़ फरार हो गया. दो अपाची मोटरसाईकिल पुरब कि दिशा में तो एक पल्सर मोटरसाईकिल पश्चिम कि दिशा में भागा. उस वक्त गस्ती में जा रही बख्तियारपुर पुलिस के एसआई राजीव लाल पंडित ने तत्वरित कार्यवाही करते हुये पीड़ीत के साथ पल्सर पर भाग रहे उच्चकों का पीछा सुलिंदाबाद तक किया पर उच्चकें भागने में सफल रहें. इस संबंध में पीड़ीत अबू जफर ने बख्तियारपुर थाना में आवेदन देकर कार्यवाही कि मांग किया हैं.


घटना के संबंध में प्रत्यक्षद्रशीयों ने बताया कि पीड़ीत बैंक से रूपये निकाल कर वापस घर जाने के रानीबाग बाजार में सलमान साहब के गद्दी के समीप सड़क जाम कि वजह से गाड़ी लगा कर किसी के पास गया ईतने में एक पल्सर मोटरसाईकिल, दो अपाची मोटरसाईकिल पर सवार चार उच्चकों में से एक गाड़ी स्टर्ट रखा दुसरा पीड़ीत के गाड़ी का डिक्की तोड़ रूपये निकाल दो गाड़ी पुरब कि दिशा में एक पश्चिम कि दिशा में भागे,हो हल्ला होने पर वहा मौजूद रंगिनिया निवासी मो मोदो अपनी बुल्लेट मोटरसाईकिल से उच्चकों का पीछा किया साथ ही उस वक्त बख्तियारपुर थाना कि गस्ती पुलिस गाड़ी रानीबाग से रंगिनिया कि ओर निकाला ही था को जब घटना कि जानकारी मिली तो वे लोग भी उच्चकों का पीछा किया परन्तु उच्चके तेज रफ्तार कि वजह से भागने में सफल रहा. पीड़ीत स्टेट बैंक सिमरी बख्तियारपुर से रूपये निकाल कर गांव वापस जा रहा था.

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एसआई राजीव लाल पंडित ने बताया कि पीड़ीत कि ओर से आवेदन मिला है आगे कि कार्यवाही कि जायेगी.

10 मई कों भी डिक्की तोड़ने कि घटना घटीत हुई थी – गत 10 मई इसी रानीबाग बाजार से कार्तिक ज्वेलर्स के मालिक कार्तिक स्वर्णकार के दुकान के आगे से उच्चकों ने डिक्की तोड़ पांच लाख से अधिक मुल्य के जेबरात को उच्चको ंले फरार हो गया था,अभी तक उस मामले में भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नही लगा हैं.


इसे पुलिस कि विफलता कहें या फिर इस तरह के मामले में दोषी का नही पकड़ा जान या फिर पीड़ीत को उड़ाई गई राशि वापस नही मिलने कि सोच कि वजह से जिस किसी के साथ इस तरह का मामला घटीत होता है वह पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने से कतराते है ऐसे कई मामले में पीड़ीत थाना को सुचना देना भी मुनासीब नही समझता है जानकारों का कहना है कि एक तो रूपये चले गये उपर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिसया लफड़ा अगल हो जाता है साथ ही पुलिस ने अबतक कितने मामले मे उड़ाये गये रूपये रिकवर नही कर पाना या फिर दोषी का पुलिस पकड़ में नही आना इन सभी कारणों कि वजह से पीड़ीत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने से कतराते है.

इस घटना से पूर्व तौकिर आलम के गाड़ी का डिक्की तोड़ लाखों रूपये उड़ाने कि घटना के बाद जमुनिया निवासी अरविंद सिह के पुत्र कि चार चक्का गाड़ी का शीशा तोड़ लाखों कि राशि आदि कई उदाहरण है जिसमें दोषी पुलिस की पकड़ में नही आ सका इन सब कारणों कि वजह से पीड़ीत रिपोर्ट दर्ज कराने से कतराते है.

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