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एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ भारत बंद : मुजफ्फरपुर में बंद समर्थकों का दिखा जोड़दार असर


देशभर में 6 सितंबर को एससी/एसटी एक्ट में आरक्षण का विरोध कर रहे सवर्ण संगठनों का दिख रहा असर . कई संगठनों ने आरक्षण के विरोध में सड़क व शहरों के चौक-चौराहो को सुबह से जाम कर के मोदी सरकार के प्रति नाराजगी जताई . सड़क पर उतरे बंद समर्थकों ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को फिर से वापस लाने की मांग कर रहे है .

कई संगठनो द्वारा आज भारत बंद के एलान से मुजफ्फरपुर शहर में प्रसाशनिक गतिविधियों को बढ़ा दिया गया है . पटना मुख्यालय से बुधवार को ही जिले में वरीय अधिकारियों को बंदी के दौरान सतर्क रहने का आदेश जारी किया .

आपको बता दे कि गत महीने पहले “दो अप्रैल” को एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ पूरे भारत मे काफी हिंसा हुई थी . उसी संशोधन को फिर से लागू करवाने को लेकर आज कई संगठन सामने आए व आरक्षण के विरोध में सड़कों पे उतरते दिखे . मुजफ्फरपुर जिले के कई क्षेत्रो में अलग-अलग संगठनों के द्वारा एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ नारे बाजी कर विरोध प्रकट किया .

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मुजफ्फरपुर जिले में भारत बन्दी का जोरदार असर दिख रहा है .शहर के चारों तरफ मुख्य-मुख्य चौराहा जो कि शहर की और जाता है हर जगह पर आरक्षण के विरोध में लोग हल्लाबोल रहे है . वंही जिले के सभी प्रखंडो में भी बन्दी का असर देखने को मिल रहा है . जिले के रेवा रोड, फरदोगोल, सरैया, मोतीपुर, गायघाट, कांटी, साहेबगंज व अन्य जगहों पे भी जाम दिख रहा है . राष्ट्रीय उच्च मार्ग(NH) भी जाम है . वंही जिले के ढोली-सकरा क्षेत्र में रेल मार्ग को भी जाम कर के विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है . जिले के कई जगहों पे सड़क जाम के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित है .

“बंद समर्थकों ने सरकार के खिलाप जम के नारे बाजी की . एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की मांग भारत सरकार से कर रही है . वंही जाती विशेष से आरक्षण हटा कर गरीबी के माध्यम से सभी जातियों में आरक्षण की मांग को लेकर आज पूरा भारत बंद है . एससी/एसटी एक्ट में आरक्षण के विरोध में बिहार ही नही बल्कि भारत के अन्य राज्यों में भी जोरदार असर दिख रहा है .” बंद समर्थकों में केंद्र की मोदी सरकार के प्रति काफी आक्रोश देखा गया है .

पूरे शहर में बस एक ही नारा गूंजता रहा . एससी/एसटी एक्ट में आरक्षण जाती देख के नही बल्कि गरीबी को देखते हुए लागू होना चाहिए . 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में जो संशोधन किया था उसे दुबारा लागू करें . प्रदर्शनकारियों द्वारा लिया गया ये फैसला सरकार पर क्या असर करती है . अब ये देखना बाकी है .

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