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यादव वोटरों को इस तरह अपने करीब लायेंगे शिवपाल यादव, अखिलेश की बढ़ सकती है चिंता

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shivpal singh yadav

शिवपाल यादव आजकल अपने सियासी जमीन को मजबूत करने की लड़ाई लड़ रहे है. समाजवादी सेकुलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल यादव का मुख्य निशाना यादव वोट बैंक है. लेकिन चुकी शिवपाल की ने अभी अभी मोर्चा बनाया तो उन्हें भी पता है कि यादव अपना वोट वही करेंगे जहाँ से उन्हें फायदा होगा और जो सत्ता में आ सकता है. इस चुनौती को शिवपाल यादव भलीभांति जानते है. इसी को भुनाने के लिए वह मंगलवार को पहली बार लखनऊ में यादव समुदाय के संगठन श्रीकृष्ण वाहनी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे है.

श्रीकृष्ण वाहनी के महासचिव अशोक यादव ने कहा कि कार्यक्रम में शिवपाल यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो रहे हैं. इस कार्यक्रम में यादव समाज के काफी लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. आज का कार्यक्रम प्रदेश की राजनीति में आगे की राह तय करेगा. खासकर यादव समाज के राजनीतिक भविष्य को लेकर. उन्होंने बताया कि प्रदेश भर के जिलों से पदाधिकारियों को बुलाया गया है.

माना जा रहा है कि श्रीकृष्ण वाहनी के बहाने शिवपाल, यादव समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ का टेस्ट करना चाहते हैं. सपा से नाता तोड़ने के बाद शिवपाल के सामने अपनी राजनीतिक वजूद को कायम रखने की एक बड़ी चुनौती है.

राज्य में करीब 8 फीसदी यादव मतदाता हैं और पिछड़ी जाति में लगभग 20 फीसदी हिस्सेदारी है. इसलिए अगर सत्ता चाहिए तो शिवपाल को यादव का पूरा सहयोग चाहिए होगा. पिछले तीन दशक से यादव समाज सपा के साथ मजबूती के साथ जुड़ा रहा है.

बता दें कि बीजेपी 15 सिंतबर को ही लखनऊ में यादव सम्मेलन करा रही है, तो वहीं शिवपाल यादव अपने राजनीतिक ताकत को मजबूत करने में जुट गए हैं.

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