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राज्य सरकार का बड़ा फैसला, 24 सितम्बर से शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक थैला बैन

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हाई कोर्ट के सख्ती के बाद अब राज्य सरकार ने प्लास्टिक बैन पर बड़ा फैसला लिया है. नीतीश सरकार चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी. पहले शहरी क्षेत्रों में लागू होगा. इसके लिए राज्य सरकार तैयारी भी कर रही थी. राज्य सरकार ने 24 सितंबर से राज्यभर के शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक बैन करने का प्रस्ताव पारित किया है. प्लास्टिक बैन पर प्रदूषण बोर्ड और वन विभाग ने ईमेल कर लोगों की राय मांगी थी.

सार्वजनिक राय मांगने के लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) और राज्य के पर्यावरण और वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों पर मसौदा अधिसूचना भी अपलोड की गई थी. जिसपर प्लास्टिक बैन होने के बारे में अपनी सलाह भेजनी को कहा गया था. जानकारी के लिए बता दूँ कि यह प्रस्ताव पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत किया गया.

अधिसूचना के मुताबिक, “कोई दुकानदार, विक्रेता, थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता, व्यापारी, हॉकर, फेरीवाला या सब्जीवाला सहित कोई भी व्यक्ति किसी भी खाने योग्य या गैर-भंडारण या भंडारण के लिए किसी भी प्रकार के प्लास्टिक कैरी बैग वितरित नहीं करेगा. यह नियम शहरी क्षेत्रों के लिए लागू होगा.

हालांकि, जैव चिकित्सा कचरे के निपटारे के लिए इस्तेमाल किए गए 50 माइक्रोन से ऊपर प्लास्टिक ले जाने वाले बैग को बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत छूट दी गई है. खाद्य पदार्थों, दूध और दुग्ध उत्पादों के पैकेजिंग और नर्सरी में पौधों को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर कोई बैन नहीं होगा.

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