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सुशील मोदी सदन ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया, शिक्षा पर खर्च होंगे 35 हजार करोड़

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी NRC पर मचे बवाल के बीच बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में साफ हो गया कि बिहार में NRC लागू नहीं होगा । सदन में सर्वसम्मति से इसे पारित भी कर दिया गया। बिहार में सिर्फ NPR लागू होगा और वह भी 2010 के आधार पर। यानि NPR में माता-पिता की डिटेल देना जरूरी नहीं होगा । यह महत्वपूर्ण फैसला उस वक्त आया है जब बिहार में चुनावी वर्ष चल रहा है।

बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी सदन में आज वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश कर दिया। बता दें की सुशील मोदी 13वीं बार बजट पेश किया। सुशील मोदी ने बजट पेश करते हुए कहा कि बिहार में ‘जल जीवन हरियाली’ का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 का बजट अनुमान 2 लाख 11 हजार 761 करोड़ है। उन्होंने बताया कि राज्य के 34,750 करोड़ के कर का अनुमान है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के जिक्र के लिए ग्रीन बजट पेश किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण पर खर्च किए जाने वाली राशि की जानकारी ग्रीन बजट से दी जायेगी।

सुशील मोदी ने कहा बिहार में पिछले तीन वर्षो में विकास दर से ज्यादा विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले बोर्ड और कारपोरेशन बंद हो गये थे। उन्हें हमने फिर से शुरू किया. डिप्टी सीएम ने कहा कि महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया जायेगा। पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ी है। एक महीने के भीतर मधेपुरा में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया जायेगा। बिहार में 3519 छात्र नर्सिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि 2020-21 में शिक्षा पर 35 हजार करोड़ खर्च किये जाएंगे। आने वाले दिनों में 8074 चेक डैम बनेगा। 14 सालों में बिहार के बजट में दस गुणा की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य पर सरकार 10,937 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। बिहार देश का पहला राज्य बनेगा जहां हर घर में नल का जल और हर गांव में गली-नाली बनाने का काम जल्द पूरा होगा।